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India-Pak : Airspace टकराव देशों को होगा अरबों का घाटा?
By EditorialPublished on
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। यह फैसला भले ही सैन्य और रणनीतिक स्तर पर लिया गया हो, लेकिन इसका सीधा असर नागरिक उड्डयन, व्यापार, यात्रियों और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि एयरस्पेस बंदी से किस देश को ज्यादा आर्थिक और लॉजिस्टिक नुकसान हो रहा है – भारत को या पाकिस्तान को? विशेषज्ञों की राय और आंकड़े इस सवाल का रोचक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं।
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5/2/202512:40:53 PM
पहलगाम (Pahalgam) आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसके बाद भारत ने भी पाकिस्तान के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इस कदम का सीधा असर दोनों देशों की एविएशन इंडस्ट्री पर पड़ा है, जिससे आर्थिक नुकसान की स्थिति बन गई है।
पाकिस्तान को बड़ा घाटा :
एयरस्पेस बंद करने से पाकिस्तान (Pakistan) को ओवरफ्लाइट फीस के रूप में भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छोटे विमानों जैसे बोइंग 737 की फ्लाइट्स से पाकिस्तान को प्रति उड़ान करीब 580 डॉलर की कमाई होती थी। वहीं, बड़े विमानों जैसे बोइंग 777 से यह कमाई 1200 से 1700 डॉलर तक जाती थी। अनुमान है कि पाकिस्तान को रोजाना लगभग 1.20 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा है। अब पाकिस्तानी विमान भारत के एयरस्पेस से बचने के लिए चीन की ओर रूट बदल रहे हैं, जिससे उनका खर्च और बढ़ गया है।
भारत (India) को भी झेलना पड़ रहा अतिरिक्त खर्च :
भारतीय एयरलाइनों को पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से हर महीने लगभग 306 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। उत्तर भारत के शहरों से उड़ान भरने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को हर सप्ताह करीब 77 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ईंधन और ऑपरेशनल खर्च आ रहा है। इससे न केवल उड़ानों की रेंज बढ़ रही है, बल्कि फ्लाइंग टाइम भी लंबा हो गया है।
किस देश को ज्यादा नुकसान ?
विश्लेषकों की मानें तो दीर्घकालिक रूप में पाकिस्तान को ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है। भारत की एयरलाइंस को भले ही कुछ महीनों तक ज्यादा खर्च उठाना पड़े, लेकिन पाकिस्तान के लिए ओवरफ्लाइट फीस एक स्थायी कमाई का जरिया थी, जिसका नुकसान सीधे सरकारी खजाने पर असर डालता है। एयरस्पेस बंदी से दोनों देशों को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है। जहां पाकिस्तान की ओवरफ्लाइट फीस से होने वाली कमाई रुक गई है, वहीं भारत की एयरलाइनों को ईंधन और समय की खपत में इजाफे का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव अगर लंबा चलता है तो दोनों पक्षों की एविएशन इंडस्ट्री पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

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