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पाकिस्तान की 'डेडली मिसाइल'; भारत के लिए बड़ा खतरा?
By EditorialPublished on
भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारत को निशाना बनाने के लिए अपनी सबसे खतरनाक और विनाशकारी मिसाइल का इस्तेमाल किया था। यह मिसाइल न केवल सटीकता के लिए जानी जाती है, बल्कि इसकी मारक क्षमता भी बेहद भयावह मानी जाती है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सेना सतर्क हो गई हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के माहौल में यह घटनाक्रम बेहद गंभीर माना जा रहा है।

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भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारत में अधिकतम तबाही मचाने की नीयत से अपनी सबसे घातक बैलिस्टिक मिसाइल 'शाहीन' का इस्तेमाल किया था। लेकिन भारत ने न केवल इस मिसाइल को इंटरसेप्ट कर हवा में ही तबाह कर दिया, बल्कि पड़ोसी मुल्क को उसकी औकात भी दिखा दी।
दरअसल, आतंकियों पर भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया था। बदले की भावना से उसने भारत पर शाहीन मिसाइल और चीनी ए-100 व फतह I/II जैसे मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) से हमला करने की कोशिश की। लेकिन भारत की सतर्कता और हाईटेक डिफेंस सिस्टम के आगे उसकी यह साजिश नाकाम हो गई।
भारत ने कैसे किया शाहीन को इंटरसेप्ट ?
भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें पाकिस्तान की मिसाइलों को हवा में ही तबाह करते हुए देखा जा सकता है। सेना ने इस इंटरसेप्शन में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया। भारत की ओर से की गई इस सटीक कार्रवाई से शाहीन मिसाइल का मलबा भी ज़मीन पर नहीं गिरा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय वायु रक्षा प्रणाली अत्याधुनिक स्तर पर काम कर रही है।
क्या है शाहीन मिसाइल की ताकत ?
पाकिस्तान की शाहीन सीरीज में अलग-अलग रेंज और क्षमताओं वाली मिसाइलें शामिल हैं:
- शाहीन-1 की रेंज 750 किमी और पेलोड 1000 किग्रा है।
- शाहीन-2 की रेंज 1500-2000 किमी तक मानी जाती है, जिसकी सटीकता 50 मीटर के भीतर होती है।
- शाहीन-3, जिसकी रेंज अंडमान-निकोबार तक मानी जाती है, भारत को हर दिशा से निशाना बनाने में सक्षम है।
इन मिसाइलों की रफ्तार Mach 8 है यानी यह ध्वनि की गति से आठ गुना तेज हैं। इनकी सटीकता और रेंज को देखते हुए यह साफ है कि पाकिस्तान ने भारत को गंभीर परमाणु हमले की चेतावनी देने की कोशिश की थी।
क्या पाकिस्तान न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग कर रहा था?
पाकिस्तान की ओर से 'शाहीन' जैसी मिसाइल का इस्तेमाल संकेत देता है कि वह न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग की रणनीति अपनाना चाहता था। यही वजह है कि भारत के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की ओर से ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग’ शब्द का इस्तेमाल भी किया गया। यह साफ करता है कि भारत किसी भी सूरत में अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
पाकिस्तान की कायराना हरकत एक बार फिर भारत की सैन्य ताकत और सतर्कता के आगे नाकाम साबित हुई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाहट में उठाए गए इस कदम से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आलोचना झेलनी पड़ सकती है। भारत ने फिर साबित कर दिया कि वह न सिर्फ हमलों का जवाब देने में सक्षम है, बल्कि अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।

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