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शिवसेना (UBT) और MNS गठबंधन की अटकलों पर राउत का बयान..
By EditorialPublished on
महाराष्ट्र की राजनीति में राज ठाकरे की अगली चाल को लेकर सस्पेंस बरकरार है। क्या वे शिवसेना (UBT) के साथ आएंगे या अलग राह चुनेंगे? इन अटकलों के बीच शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, राज ठाकरे से बातचीत सकारात्मक दिशा में है और सबकुछ पटरी पर चल रहा है। उनके इस बयान से गठबंधन की अटकलें और तेज़ हो गई हैं, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या आगामी चुनाव में उद्धव और राज एक मंच पर नज़र आएंगे?

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महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे आखिर किस ओर जाएंगे? क्या वे चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से हाथ मिलाएंगे या फिर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के पाले में जाएंगे? इस राजनीतिक रोमांच के बीच शिवसेना (UBT) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है, जिसने अटकलों की आग में और घी डाल दिया है।
संजय राउत का दावा – गठबंधन में नहीं है कोई रुकावट
संजय राउत ने कहा, “इसमें कोई देरी नहीं है। सब कुछ पटरी पर है। हम एमएनएस से गठबंधन को लेकर सकारात्मक हैं। आपको अंदाज़ा नहीं है पर्दे के पीछे क्या चल रहा है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई बातें अभी सामने नहीं आई हैं, लेकिन वक्त आने पर सबकुछ साफ हो जाएगा।
निकाय चुनावों को लेकर हलचल तेज :
महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों को लेकर सभी दलों की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। एमएनएस इन चुनावों में पूरी ताकत से उतरने की तैयारी कर रही है। राज ठाकरे पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं। खुद उद्धव ठाकरे ने भी इस संकेत का मंच से स्वागत किया था।
एकनाथ शिंदे के गुट से भी संपर्क में हैं राज ठाकरे ?
हाल ही में उदय सामंत, जो कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के करीबी माने जाते हैं, ने राज ठाकरे से मुलाकात की थी। इसके बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि एमएनएस, शिवसेना (शिंदे गुट) से भी गठबंधन की संभावना तलाश रही है। सूत्रों के अनुसार, बीएमसी, ठाणे, पुणे, नासिक, नवी मुंबई, और छत्रपति संभाजीनगर जैसे अहम नगर निगमों में एमएनएस, शिवसेना (UBT) या शिंदे गुट में से किसी एक के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है।
राजनीति में बदलते समीकरण :
महाराष्ट्र में फिलहाल राज ठाकरे “किंगमेकर” की भूमिका में नजर आ रहे हैं। दोनों शिवसेना गुट उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या राज ठाकरे किसी एक पक्ष के साथ पूरी तरह खड़े होंगे या चुनाव में स्वतंत्र राह अपनाएंगे?
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