ट्रंप का नया बिल : NRI की जेब पर पड़ेगा असर, रेमिटेंस महंगी!
अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीयों के लिए एक झटका देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी संसद में एक नया बिल पेश किया गया है, जो अगर पास हो गया, तो अमेरिका से भारत समेत अन्य देशों में पैसे भेजने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है। इस बिल का नाम है "The One Big Beautiful Bill", जिसे हाल ही में यूएस हाउस वेज एंड मीन्स कमेटी द्वारा प्रस्तुत किया गया है।
बिल के भीतर छुपा टैक्स का प्रावधान :
389 पन्नों के इस दस्तावेज़ के 327वें पेज पर यह प्रावधान दर्ज है कि अमेरिका में रहने वाले विदेशी नागरिक, जो अमेरिका के नागरिक नहीं हैं या जिन्हें अभी नागरिकता नहीं मिली है, अगर वे अपने देश में पैसा ट्रांसफर करते हैं, तो उन्हें 5% टैक्स देना होगा। यह टैक्स उस स्थान पर लगेगा, जहां से ट्रांसफर किया जाएगा। बिल में यह नहीं बताया गया है कि यह टैक्स किस न्यूनतम राशि से शुरू होगा, यानी कम रकम भेजने पर भी यह टैक्स लागू हो सकता है।
एनआरआई पर पड़ेगा सीधा असर :
यह नया नियम एच-1बी वीजा धारकों, ग्रीन कार्ड होल्डर्स, और अन्य विदेशी नागरिकों पर भी लागू होगा। भारत से संबंध रखने वाले एनआरआई, जो अमेरिका में रहते हैं और अपने परिवारों को पैसे भेजते हैं, उनके लिए यह प्रस्ताव बेहद चिंताजनक है। इससे रेमिटेंस भेजने की लागत बढ़ जाएगी और आमदनी पर भी असर पड़ सकता है।
भारत से भेजे जा रहे हैं सबसे ज्यादा पैसे :
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023-24 के दौरान अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने करीब 32 अरब डॉलर की रेमिटेंस भारत भेजी थी। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा रेमिटेंस प्राप्त करने वाला देश है, और अमेरिका इस योगदान में सबसे ऊपर है।
अमेरिका में करीब 45 लाख भारतीय :
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में अमेरिका में लगभग 45 लाख भारतीय रह रहे हैं, जिनमें से 32 लाख भारतीय मूल के नागरिक हैं। ऐसे में यह बिल पारित होता है तो इसका असर एक बहुत बड़े समुदाय पर पड़ेगा।
अगर यह बिल कानून बन गया, तो अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीयों के लिए अपने घर पैसे भेजना एक महंगी प्रक्रिया बन जाएगी। यह कदम न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी होगा, बल्कि भारत-अमेरिका प्रवासी संबंधों में एक नई चुनौती भी बन सकता है।
Editorial

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