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अमेरिका की मध्यस्थता के बाद नया बयान।
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अमेरिका की मध्यस्थता के बाद नया बयान।भारत-पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है अमेरिका। अमेरिकी विदेश विभाग ने एक नए बयान में कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है और

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अमेरिका की मध्यस्थता के बाद नया बयान।
भारत-पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है अमेरिका।

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक नए बयान में कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है और शांति का रास्ता चुनने के लिए दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की सराहना करता है। यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने का क्रेडिट लिया था।
कश्मीर पर मध्यस्थता के बारे में ट्रंप की टिप्पणी
डोनल्ड ट्रंप की कश्मीर पर मध्यस्थता के बारे में टिप्पणी पर भारत की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई थी। इसके बाद अमेरिका विदेश विभाग ने वॉशिंगटन की स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास करते हुए कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है।
अमेरिकी विदेश विभाग का बयान
अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्ता थॉमस पीगोट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का भी स्वागत करते हैं और शांति का रास्ता चुनने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री शरीफ की सराहना करते हैं।" उन्होंने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, उनका निर्णय शक्ति, बुद्धिमता, और धैर्य को दर्शाता है।"
सीधा संवाद बनाए रखने का आग्रह
थॉमस पीगोट ने कहा, "हम दोनों पक्षों से क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सीधा संवाद बनाए रखने का आग्रह करते हैं।" उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है। दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे पर विवाद है, जिसे लेकर कई बार युद्ध और संघर्ष हुए हैं। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव और बढ़ गया था।
शांति का रास्ता
अमेरिका की मध्यस्थता के बाद अब दोनों देशों के बीच शांति का रास्ता निकलने की उम्मीद है। अमेरिका की अपील के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने शांति का रास्ता चुनने का फैसला किया है। इससे क्षेत्र में स्थिरता और शांति की उम्मीद बढ़ गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग के बयान से साफ है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करता है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की सराहना करते हुए अमेरिका ने शांति का रास्ता चुनने के लिए उनकी प्रशंसा की है। इससे क्षेत्र में स्थिरता और शांति की उम्मीद बढ़ गई है।

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