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मुंबई। विलेपार्ले स्थित जैन मंदिर का ऊपरी निर्माण ‘यथास्थिति’ में बनाए रखने के आदेश के बीच श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट ने बारिश के मौसम में तात्कालिक रूप से शेड लगाने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। हालांकि, न्यायालय ने ट्रस्ट को इस संबंध में महानगरपालिका को निवेदन देने का निर्देश दिया है।
मनपा द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में ट्रस्ट ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। न्यायमूर्ति गौरी गोडसे ने 27 जून तक मंदिर के ऊपरी निर्माण को ‘यथास्थिति’ में रखने के आदेश दिए हैं। लेकिन बारिश से तात्कालिक बचाव के लिए ट्रस्ट ने तात्कालिक शेड लगाने की अनुमति हेतु न्यायमूर्ति अरिफ डॉक्टर की छुट्टीकालीन एकलपीठ के समक्ष याचिका दाखिल की थी। हालांकि, इस याचिका पर मंदिर के पास स्थित सोसायटी ने आपत्ति जताई।
मंदिर का ऊपरी निर्माण ‘यथास्थिति’ में रखने के निर्देश नियमित एकलपीठ ने दिए हैं। छुट्टीकालीन एकलपीठ इस पर निर्णय नहीं ले सकती। इसके लिए नियमित एकलपीठ के समक्ष याचिका की सुनवाई जरूरी है। ‘यथास्थिति’ बनाए रखने के आदेश के चलते नया कोई निर्माण नहीं किया जा सकता या किया गया निर्माण वैध नहीं माना जा सकता, ऐसा सोसायटी के वकीलों ने न्यायालय को बताया। ट्रस्ट को इस मुद्दे पर मनपा के पास जाने और मनपा को उस पर निर्णय लेने का निर्देश न्यायालय ने दिया है।
Editorial

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