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सबमरीन से मिसाइल तक; भारत का 50 हजार करोड़ का डिफेंस धमाका
By EditorialPublished on
पाकिस्तान पर हुए ऑपरेशन सिंदूर के सफलतापूर्वक संचालन के बाद भारत अब अपनी रक्षा ताकत को और अधिक मज़बूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्र सरकार रक्षा बजट में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। यह अ

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पाकिस्तान पर हुए ऑपरेशन सिंदूर के सफलतापूर्वक संचालन के बाद भारत अब अपनी रक्षा ताकत को और अधिक मज़बूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्र सरकार रक्षा बजट में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। यह अतिरिक्त बजट भारतीय सशस्त्र बलों को और भी अधिक अत्याधुनिक बनाने में मदद करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को मिला करारा जवाब :
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस सैन्य कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान – 2 जेएफ-17, 1 मिराज, 1 AWACS और 1 संभावित C-130 – को मार गिराया। इसके अलावा, कई पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया गया, जिससे उसकी सुरक्षा क्षमताओं को भारी नुकसान हुआ।
रक्षा बजट पहली बार 7 लाख करोड़ के पार जा सकता है :
वर्तमान में भारत का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट में घोषित किया गया था। यदि प्रस्तावित 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को संसद के शीतकालीन सत्र में मंजूरी मिल जाती है, तो यह रक्षा खर्च 7 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा – जो कि अब तक का सबसे बड़ा रक्षा आवंटन होगा।
किन क्षेत्रों में खर्च होगा अतिरिक्त बजट :
सूत्रों के मुताबिक, यह अतिरिक्त राशि उन्नत हथियारों की खरीद, गोला-बारूद का भंडारण, नई मिसाइलें, लड़ाकू विमान, और रक्षा अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों में खर्च की जाएगी। इसका उद्देश्य भारतीय सेना की युद्धक्षमता को बढ़ाना और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना है।
स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा :
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपने स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम, खासकर ‘आकाश’ मिसाइल प्रणाली का सफल प्रयोग किया, जिसकी तुलना इजरायल के आयरन डोम से की जा रही है। यह दर्शाता है कि भारत अब विदेशी हथियारों पर निर्भर रहने की बजाय आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
नया काउंटर-ड्रोन सिस्टम: भार्गवस्त्र
भारत ने हाल ही में ‘भार्गवस्त्र’ नामक एक नया काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह सिस्टम 'हार्ड किल' मोड में माइक्रो-रॉकेट्स का उपयोग करता है और हवाई खतरों को तुरंत बेअसर करने में सक्षम है। इसका परीक्षण ओडिशा के गोपालपुर में किया गया।
भारत अब न केवल जवाब देने की स्थिति में है, बल्कि रणनीतिक रूप से आगे की सोच के साथ अपने सैन्य ढांचे को मजबूत कर रहा है। रक्षा बजट में प्रस्तावित बढ़ोतरी और तकनीकी अपग्रेड देश को वैश्विक सुरक्षा मंच पर और अधिक मज़बूत स्थिति में खड़ा करेगा।

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