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निफ्टी-सेंसेक्स की ऐतिहासिक उड़ान, बाजार में छाई रौनक
By EditorialPublished on
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निफ्टी 50 ने 1.60% की बढ़त के साथ 25,062.10 पर क्लोजिंग की, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1,200 अंकों की शानदार छलांग लगाते हुए 82,530.74 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में यह 1.48% की तेजी के बराबर है। बाजार में आई इस उछाल ने निवेशकों के चेहरों पर रौनक ला दी है, वहीं कारोबारियों के लिए यह दिन मुनाफे वाला साबित हुआ।

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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन के अंत तक बाजार ने जबरदस्त वापसी की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले थे। सुबह 9:39 बजे बीएसई सेंसेक्स 368 अंक या 0.45% की गिरावट के साथ 80,962 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 भी 98 अंक या 0.40% की कमजोरी के साथ 24,568 के स्तर पर था।
निफ्टी ने रचा नया इतिहास :
हालांकि, दोपहर के बाद बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। निफ्टी 50 ने 432 अंक या 1.75% की उछाल के साथ 25,099 का स्तर छू लिया। यह पहली बार है जब निफ्टी ने 17 अक्टूबर 2024 के बाद 25,000 का स्तर पार किया। अंततः निफ्टी 1.60% की बढ़त के साथ 25,062.10 पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई सेंसेक्स ने भी 1,200 अंकों की छलांग लगाते हुए 1.48% की तेजी के साथ 82,530.74 पर क्लोजिंग की।
तेजी की वजहें :
इस तेजी के पीछे फाइनेंशियल, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोटिव सेक्टर के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ अमेरिका-भारत व्यापार डील को लेकर बनी सकारात्मक उम्मीदें भी प्रमुख कारण रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को जीरो टैरिफ ट्रेड डील का ऑफर देने की घोषणा ने भी बाजार में भरोसा जगाया।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस :
ET की रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी फाइनेंशियल्स में 1.3%, ऑटोमोटिव सेक्टर में 1.9%, आईटी में 1.2% और मेटल सेक्टर में 1.7% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी 0.7% का उछाल दिखाया।
मार्केट कैप में बड़ा उछाल :
तेजी के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 5.05 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 439.94 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे निवेशकों के पोर्टफोलियो में तगड़ा मुनाफा जुड़ा।
भारत का टैरिफ सुधार प्रस्ताव :
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अमेरिका के साथ टैरिफ गैप को 13% से घटाकर 4% से कम करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, भारत सरकार की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह कदम भारत की वैश्विक व्यापार नीतियों को सुसंगत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। बाजार की यह उछाल निवेशकों के लिए राहत भरी साबित हुई है। आगे भी अमेरिका-भारत डील और ग्लोबल संकेतकों पर नजर रखना अहम रहेगा।

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