सिंधुजल पर झुका पाकिस्तान; भारत का सख्त संदेश समझौता स्थगितही रहेगा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार (15 मई) को पाकिस्तान के खिलाफ चल रहे 'ऑपरेशन सिंदूर' और सिंधु जल समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिंधु जल समझौता स्थगित ही रहेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद से अपने रिश्ते नहीं तोड़ता।
जयशंकर ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अब अगर कश्मीर पर कोई चर्चा हो सकती है, तो वो सिर्फ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) को खाली कराने को लेकर हो सकती है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस मुद्दे पर भारत को किसी तीसरे देश की मध्यस्थता या दखल मंजूर नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन :
जयशंकर ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया है, और इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जबरदस्त समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति पूरी तरह से 'जीरो टॉलरेंस' पर आधारित है और प्रधानमंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान से बातचीत अब केवल आतंकवाद पर ही होगी।
पाकिस्तान ने पानी के लिए लगाई गुहार :
सिंधु जल समझौते के निलंबन से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। खबर है कि पाकिस्तान ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर सिंधु जल समझौते को बहाल करने की 'गुहार' लगाई है। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी बड़ी आबादी खेती और पीने के लिए सिंधु नदी के जल पर निर्भर है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया :
इसके अलावा, विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौते की वार्ताओं को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, “किसी भी व्यापार समझौते का दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होना जरूरी है। जब तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बनती, तब तक नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी।”
जयशंकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपने कूटनीतिक और सामरिक रुख को और मजबूत कर रहा है — आतंकवाद, कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर।
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