Tata’s Bold Strategy: Earning Big Through Trade Deals!
5/12/2025 2:24:17 PM
अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव, खासकर ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण बढ़ी हुई समस्याओं के बीच एप्पल और टाटा समूह ने भारत में अपने प्रोडक्शन को बढ़ाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। इस रणनीतिक बदलाव के पीछे मुख्य कारण चीन से उत्पादन को भारत में शिफ्ट करना है, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक स्थिति को स्थिर किया जा सके।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक समझौता:
बीते कुछ वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव ने कई वैश्विक कंपनियों के संचालन को प्रभावित किया है। हालांकि, हाल ही में जेनेवा में हुई लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच एक व्यापारिक समझौते पर सहमति बनी है, जिससे टैरिफ के कारण पैदा हुआ तनाव अब समाप्त होने की ओर है। व्हाइट हाउस ने इस संबंध में एक बयान भी जारी किया है, जिसमें कहा गया कि व्यापारिक टकराव अब खत्म हो जाएगा।
भारत में आईफोन का उत्पादन बढ़ाने का एप्पल का फैसला :
इस व्यापारिक माहौल में एप्पल ने भी अपने प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब को चीन से भारत शिफ्ट करने का फैसला किया है। एप्पल का भारत में उत्पादन बढ़ाने का उद्देश्य, वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित करना और अमेरिकी बाजार के लिए अधिक आईफोन तैयार करना है। तमिलनाडु के होस्सुर में स्थित नए प्लांट में मई में आईफोन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्लांट में प्रति घंटे 300 से 500 आईफोन यूनिट्स का उत्पादन किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें आईफोन 16 और 16e मॉडल्स का उत्पादन प्रमुख रूप से किया जाएगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इस प्लांट को दिसंबर 2027 तक पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा, और इस प्रक्रिया में करीब 50,000 नए रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
भारत को उत्पादन का नया केंद्र बनाएगा एप्पल :
हालांकि, एप्पल का अभी भी चीन में बड़ा उत्पादन आधार है, लेकिन भारत में आईफोन के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। फिलहाल, एप्पल के कुल वैश्विक प्रोडक्शन का करीब 75 प्रतिशत चीन में होता है, जबकि भारत में यह आंकड़ा 18 प्रतिशत है। एप्पल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यह भी घोषणा की है कि 2026 के अंत तक, अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन भारतीय फैक्ट्रियों में बनाए जाएंगे।
टाटा और फॉक्सकॉन का भी भारत में निवेश :
इसी बीच, टाटा समूह और ताइवान की फॉक्सकॉन भी भारत में अपने प्रोडक्शन को बढ़ा रहे हैं। टाटा ने होस्सुर प्लांट में आईफोन के उत्पादन को लेकर कदम उठाया है, जबकि फॉक्सकॉन ने 2.6 बिलियन डॉलर की लागत से एक नया प्लांट तैयार किया है, जो जल्द ही उत्पादन शुरू करेगा। इस प्रकार, अमेरिका-चीन व्यापारिक विवाद के बीच भारत में आईफोन प्रोडक्शन का विस्तार एप्पल और अन्य कंपनियों के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में उभर रहा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत हैं।
Editorial

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