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CM फडणवीस के साथ पवार परिवार की चौंकाने वाली मुलाकात!
By EditorialPublished on 12 May 2025 5:30 AM IST
मुंबई में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के एक कार्यक्रम में सोमवार (12 मई) को एक राजनीतिक घटना ने सुर्खियां बटोरीं। कार्यक्रम में एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे, डिप्टी सीएम अजित पवार एक मंच पर बैठे और दोनों के बीच की

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5/12/2025 3:15:49 PM
मुंबई में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के एक कार्यक्रम में सोमवार (12 मई) को एक राजनीतिक घटना ने सुर्खियां बटोरीं। कार्यक्रम में एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे, डिप्टी सीएम अजित पवार एक मंच पर बैठे और दोनों के बीच की राजनीतिक खाई का मामला एक बार फिर सामने आया। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnvis), केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और DCM एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) भी मौजूद थे।
शरद पवार और अजित पवार (Ajit Pawar) का एक मंच पर आना, राज्य की राजनीति में एक नई हलचल का कारण बना है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ते मतभेदों के बाद, यह पहली बार है जब दोनों साथ नजर आए हैं। इसके साथ ही, महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से उनके फिर से साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं।
शरद पवार (Sharad Pawar) से जब हाल ही में पूछा गया था कि क्या वह फिर से अजित पवार के साथ मिलेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, "हमारी बातचीत हमेशा विकास के मुद्दों पर होती रही है।" उन्होंने यह भी इशारा किया कि यदि दोनों एनसीपी गुट एकजुट होते हैं तो इसमें कोई अचंभा नहीं होगा। शरद पवार ने कहा, "अगर दोनों गुट एक साथ आएं तो यह अगली पीढ़ी के नेतृत्व का फैसला होगा। सुप्रिया सुले और अजित पवार को इस बारे में निर्णय लेना चाहिए।"
यह बयान शरद पवार के उन संकेतों को मजबूती देता है, जिनके अनुसार एनसीपी के दो प्रमुख गुटों के बीच फिर से सुलह की संभावना हो सकती है। बता दें कि जुलाई 2023 में अजित पवार ने एनसीपी में बगावत कर दी थी और बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shivsena) गठबंधन के साथ सरकार में शामिल हो गए थे, जबकि शरद पवार इंडिया (INDA) गठबंधन के साथ खड़े रहे थे।
शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले (Supriya Sule) और अजित पवार के बीच की सुलह को लेकर भी चर्चा तेज है, क्योंकि इस समय दोनों के पास पार्टी की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण जिम्मा है। अजित पवार और शरद पवार के एक मंच पर आने से राज्य की राजनीति में फिर से एक नई दिशा की ओर इशारा किया जा रहा है।
राज्य के राजनीतिक माहौल में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या एनसीपी के दोनों गुट एक साथ आएंगे, और इस फैसले का असर महाराष्ट्र की आगामी राजनीति पर कैसे पड़ेगा?
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