Kirana Pahadi Bombed: Nuclear Attack Rumors Grow!
5/12/2025 6:01:16 PM
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सोमवार (12 मई, 2025) को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सबसे बड़ा सवाल पाकिस्तान के किराना हिल्स में स्थित न्यूक्लियर फैसिलिटी पर भारतीय हमले को लेकर पूछा गया, जिस पर वायुसेना के डीजी ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। एयर मार्शल एके भारती ने कहा, “हमने किराना हिल्स को अपना निशाना नहीं बनाया है, चाहे वहां कुछ भी हो। हमें वहां किसी न्यूक्लियर फैसिलिटी के मौजूद होने की जानकारी नहीं थी। यह बात हम प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आपसे ही सुन रहे हैं।”
भारतीय सेना के इस बयान से सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि भारत ने पाकिस्तान के सरगोधा जिले के पास स्थित मुशाफ एयरबेस और किराना हिल्स में अंडरग्राउंड न्यूक्लियर स्टोरेज को निशाना बनाया है।
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सोशल मीडिया की अफवाहों पर जवाब :
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें वायरल हो रही थीं कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर हमला किया है। खासकर किराना हिल्स के नीचे बने अंडरग्राउंड स्टोरेज को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही थीं। इन्हीं चर्चाओं के बीच यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी, जिसमें सेना ने स्थिति साफ कर दी।
क्या है किराना हिल्स की असलियत ?
किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले में स्थित एक पहाड़ी श्रृंखला है, जो भूरे रंग की चट्टानों के कारण ‘काली पहाड़ी’ के नाम से जानी जाती है। यह इलाका पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। हालांकि, भारत ने इन इलाकों को निशाना बनाए जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है।
भारतीय सेना ने फिर दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल आतंकवादी ठिकानों पर केंद्रित था, न कि पाकिस्तान के सामरिक सैन्य अड्डों या न्यूक्लियर फैसिलिटी पर। सेना ने यह भी साफ किया कि भारत की नीति हमेशा आतंकवाद के खिलाफ है, न कि किसी देश की संप्रभुता के खिलाफ।
किराना हिल्स पर हमले की अटकलें महज अफवाह निकलीं। भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद केवल आतंकवाद को खत्म करना था। सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों को दरकिनार कर सेना ने तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की।
Editorial

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