War Jitters Hit Market: Can NIFTY Hold 23,800?
5/10/2025 3:31:04 PM
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे भारतीय शेयर बाजार पर दिखने लगा है। शुक्रवार, 9 मई को बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसका प्रमुख कारण 'ऑपरेशन सिंदूर' और उसके बाद की स्थिति को माना जा रहा है। भारत द्वारा पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई के बाद से निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 880.34 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,454.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 265.80 अंक गिरकर 24,008 के स्तर पर आ गया। इसी तरह निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी 770.40 अंक (1.42%) की तेज गिरावट रही और यह 53,595.25 पर बंद हुआ।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे प्रमुख वजह भारत-पाक टेंशन है। ऑपरेशन सिंदूर, जो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई थी, उसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। अब इस संघर्ष की आशंका से निवेशकों में डर है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि युद्ध की अटकलों के बावजूद निवेशकों को उम्मीद है कि भारत की मजबूत रणनीतिक स्थिति के चलते हालात जल्द सामान्य होंगे। वहीं, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी रूप से निफ्टी 23,800 के सपोर्ट के करीब है और अगर यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 23,200 तक जा सकता है। रीबाउंड की स्थिति में 24,400-24,600 रेंज में मजबूत रेसिस्टेंस देखा जा रहा है।
HDFC सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी और देवर्ष वकील ने भी निफ्टी के ट्रेंड को कमजोर बताया है। उनके अनुसार, तत्काल रेसिस्टेंस 24,150–24,340 के बीच है, जबकि सपोर्ट 23,850 पर बना हुआ है।
बाजार में अस्थिरता का अंदाजा India VIX से लगाया जा सकता है, जो शुक्रवार को 2.95% बढ़कर 21.63% पर पहुंच गया — यह बाजार की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
Editorial

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