भारत-पाकिस्तान तनाव: सऊदी अरब की पहल।
दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील, कूटनीति से हल निकालने का आग्रह।
saudi arab
*क्या है मामला?*
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। भारत ने पाकिस्तान पर हमले के पीछे सीमापार से सक्रिय आतंकी समूहों की संलिप्तता का आरोप लगाया है, जबकि पाकिस्तान ने इसे झूठा आरोप बताते हुए शिमला समझौते से बाहर आने की घोषणा की है।
*सऊदी अरब की भूमिका*
सऊदी अरब ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से बात कर तनाव घटाने की अपील की है। सऊदी अरब के अल जुबैर ने एस. जयशंकर और पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की है। सऊदी अरब की भूमिका पिछले संकटों में भी मध्यस्थता की रही है, विशेषकर 2019 के पुलवामा हमले के बाद। सऊदी अरब का मकसद केवल शांति स्थापित करना नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में अपने प्रभाव को बनाए रखना भी है।
*आगे क्या होगा?*
अब देखना यह है कि क्या सऊदी अरब और ईरान जैसे देशों की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम हो पाएगा या नहीं। भू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता, भारत किसी भी मध्यस्थता को गंभीरता से नहीं लेगा। इसके साथ ही भारत का यह भी मानना है कि द्विपक्षीय मुद्दों पर कोई तीसरी पार्टी न तो जरूरी है, न ही स्वीकार्य।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और सीमा क्षेत्रों में गोलीबारी के निरंतर आदान-प्रदान पर चिंता व्यक्त करता है। मंत्रालय ने दोनों देशों से अच्छे पड़ोसी होने का धर्म निभाने और इलाके में स्थिरता और शांति बनाए रखने की अपील की है।
Editorial

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