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IND-Pak तनाव पर इल्तिजा मुफ्ती की चेतावनी; हालात चरम पर!
By EditorialPublished on
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और श्रीनगर में हो रहे धमाकों के बीच इल्तिजा मुफ्ती ने शांति की अपील की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि शांति की चाहत इंसानियत की निशानी है, इसे राष्ट्रभक्ति की कमी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इल्तिजा ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि दोनों देशों को संयम और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

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5/10/2025 3:54:41 PM
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी बढ़ते तनाव के बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने एक भावुक अपील की है। शनिवार, 10 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए इल्तिजा ने कश्मीर में बिगड़ते हालात और क्षेत्रीय अशांति पर गहरी चिंता जताई।
इल्तिजा मुफ्ती ने अपने पोस्ट में लिखा, “श्रीनगर में इस वक्त लगातार धमाके हो रहे हैं। इस पागलपन का अंत कब होगा? दो परमाणु ताकतें एक विनाशकारी युद्ध के कगार पर खड़ी हैं। समझदारी और शांति की आवाजें उन लोगों के शोर में दब रही हैं जो इस तबाही और हिंसा का महिमामंडन कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि शांति की कामना करना आपको कम भारतीय नहीं बनाता, बल्कि यही आपको इंसान बनाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब श्रीनगर सहित कश्मीर के कुछ इलाकों में सुरक्षा हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और बार-बार धमाकों की खबरें सामने आ रही हैं।
भारत को निभानी चाहिए नेतृत्वकारी भूमिका: महबूबा मुफ्ती
इससे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी एक बयान में भारत को नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की सलाह दी। उन्होंने लिखा कि भले ही अमेरिका शुरू में भारत-पाक तनाव पर सीमित हस्तक्षेप की नीति पर चल रहा था, लेकिन अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख से संपर्क कर तनाव कम करने की अपील की है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा, “भारत को, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, किसी अस्थिर अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उसे अपनी सॉफ्ट पावर और शांति की नीति के ज़रिए एशिया में नेतृत्व करना चाहिए।”
उन्होंने आगे लिखा, “दुनिया हमें देख रही है। यही वह क्षण है जब भारत को यह दिखाना चाहिए कि उसकी असली ताकत परमाणु हथियारों में नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, समझदारी और शांति की पहल में है।”
तनाव के बीच एक मानवीय आवाज:
इल्तिजा और महबूबा मुफ्ती दोनों की ओर से आई ये अपीलें तनाव के माहौल में मानवीयता और संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। जहाँ एक ओर सीमाओं पर सैनिक मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं दूसरी ओर नागरिक समाज शांति और संयम की उम्मीद लिए खड़ा है।
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