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Stock Market धड़ाम; निफ्टी ढेर, सेंसेक्स 300 नीचे!
By EditorialPublished on
एक दिन पहले भारी गिरावट का सामना करने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ वापसी की। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में सोमवार को लगभग 10 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने निवेशकों में घबराहट फैला दी थी। हालांकि, एशियाई और यूरोपीय बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर निचले स्तर पर आई चौतरफा लिवाली ने बाजार को फिर से रफ्तार दी। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा में सुधार और कुछ तकनीकी खरीदारी ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट किया, जिससे बाजार में स्थिरता और सकारात्मकता लौट

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भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता फिर बढ़ गई है। सेंसेक्स करीब 300 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 22,450 के नीचे खुला। यह गिरावट ऐसे समय पर आई है जब एक दिन पहले ही मंगलवार को बाजार ने जोरदार रिकवरी की थी और सेंसेक्स-निफ्टी में बीते 10 महीनों की सबसे बड़ी उछाल दर्ज की गई थी।
मंगलवार की रिकवरी रही क्षणिक :
मंगलवार को एशियाई और यूरोपीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और निचले स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली के चलते भारतीय बाजारों में जबरदस्त तेजी आई थी। बीएसई सेंसेक्स 1,089 अंक की बढ़त के साथ 74,227 पर बंद हुआ था, वहीं एनएसई निफ्टी 374 अंक चढ़कर 22,535 पर पहुंचा था। सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय 1,721 अंक तक उछल गया था, जबकि निफ्टी ने 535 अंक की छलांग लगाई थी।
हालांकि बाजार में यह उछाल सोमवार को आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद की तकनीकी बाउंसबैक मानी जा रही थी। सोमवार को अमेरिकी टैरिफ और चीन के जवाबी रुख के बीच सेंसेक्स 2,226 अंक और निफ्टी 742 अंक लुढ़क गए थे। यह बीते 10 महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी।
वैश्विक बाजार में गहराया तनाव :
ग्लोबल मार्केट्स में भी हालात तनावपूर्ण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन से आयातित सामानों पर 107% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। डाउ जोन्स 2000 अंक से ज्यादा गिर चुका है, वहीं नैस्डैक 2.5% नीचे आ गया है। एशिया-पैसिफिक रीजन में भी टोक्यो, शंघाई, सिडनी और हांगकांग के शेयर बाजारों में ऐसी गिरावट देखने को मिली है जैसी दशकों में नहीं देखी गई थी।
आगे क्या ?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात बेहद संवेदनशील हैं और भारत जैसे उभरते बाजारों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मेहता इक्विटीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत तापसे ने कहा कि “वैश्विक संकेतों के चलते बाजारों में अस्थिरता बनी रहेगी, लेकिन निवेशक इस गिरावट को लॉन्ग टर्म एंट्री के मौके के रूप में भी देख सकते हैं।”

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