bupendra patel
अहमदाबादमुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के किसानों, आम नागरिकों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। इससे राज्य में राजस्व प्रक्रिया में सरलीकरण और आम नागरिकों की सुविधा के दृष्टिकोण के साथ इन निर्णयों से औद्योगीकरण और व्यापार-रोजगार तथा अफोर्डेबल हाउसिंग की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार के सुफल सुशासन में नागरिक-केंद्रित इन निर्णयों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक लोकोपयोगी बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि राज्य में खेती के उद्देश्य से धारण की गई नई, अविभाज्य और प्रतिबंधित स्वामित्व (सत्ता प्रकार) वाली जमीन की बिक्री, तब्दीली तथा उद्देश्य में परिवर्तन/शर्त परिवर्तन के मामलों में संबंधित कलेक्टर या मामलों के संदर्भ में सरकार द्वारा निर्धारित की गई शर्तों के अधीन पूर्व मंजूरी लेने की प्रथा वर्तमान में लागू है। इसके अलावा, किसानों को ऐसी जमीनों की शर्त में परिवर्तन के समय आवश्यक प्रीमियम भी देना होता है।
मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में सरलीकरण करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी निर्णय किए हैं। जिसके अनुसार, राज्य की महानगर पालिकाओं, शहरी प्राधिकरण के क्षेत्रों तथा भावनगर, जामनगर और जूनागढ़ क्षेत्र विकास मंडल को छोड़कर राज्य के समग्र क्षेत्रों की नई, अविभाज्य और प्रतिबंधित स्वामित्व (सत्ता प्रकार) वाली जमीनों को अब से पुरानी शर्त के रूप में माना जाएगा।
इसके परिणामस्वरूप किसानों को कृषि और गैर-कृषि उद्देश्य के लिए शर्त परिवर्तन करने के लिए देय प्रीमियम से मुक्ति मिलेगी और ऐसी जमीनों के संबंध में संबंधित तहसीलदार को जमीन को पुरानी शर्त में परिवर्तित के लिए स्वतः संज्ञान लेकर प्रविष्टि (नोंध) करनी होगी।
प्रवक्ता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इन क्रांतिकारी निर्णयों के कारण किसानों और आम नागरिकों के लिए जमीन की खरीदी, बिक्री और तब्दीली के लिए शर्त परिवर्तन की प्रशासनिक प्रक्रिया बहुत ही आसान हो जाएगी। गैर-कृषि उद्देश्य के लिए प्रीमियम की पात्र जमीनों पर उद्योग, धंधा या व्यापार स्थापित करने के लिए पुरानी शर्त में परिवर्तित करने की आवश्यकता नहीं होने के कारण औद्योगीकरण तथा विकास को तेजी मिलेगी, रोजगार तथा राज्य की जीडीपी में भी वृद्धि होगी। छोटे किसानों या जमीनधारकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और जमीनधारकों को बिक्री के समय जमीन की पर्याप्त कीमत मिलेगी। साथ ही, प्रीमियम भुगतान करने के लिए सरकारी कार्यालयों में जाने से मुक्ति मिलेगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य के राजस्व विभाग ने गैर-कृषि प्रक्रिया में सरलीकरण के लिए राजस्व टाइटल और कानूनी कब्जेदार के प्रमाण पत्र का प्रावधान भी किया है।
प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि विकास को तेजी प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने लोकाभिमुख प्रशासन की परंपरा को आगे बढ़ाकर राजस्व टाइटल और काननी कब्जेदार का प्रमाण पत्र देने की जो व्यवस्था शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय यह भी किया है कि खेती की जमीन के बिक्री अभिलेख को प्रमाणित करने से संबंधित निर्णय लेते समय, आवेदक द्वारा मूलतः पुरानी शर्त/गैर-कृषि के लिए प्रीमियम के पात्र जमीनों को गैर-कृषि में परिवर्तित करने के लिए आवेदन करते समय, केवल किसान सत्यापन के उद्देश्य से आवेदन की तारीख से 25 वर्ष पहले के रिकॉर्ड पर विचार नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा किए गए इन निर्णयों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार ‘विकसित भारत@2047’ के लिए विकसित गुजरात के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने में और अधिक तेजी आएगी। गुजरात में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से एक कदम आगे बढ़कर ‘कम्फर्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘अधिकतम शासन-न्यूनतम सरकार’ की अवधारणा साकार होगी।
Editorial

Editorial

Next Story