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सेंसेक्स की छलांग; 10 सेकेंड में कमाए ₹8.47 लाख करोड़
By EditorialPublished on
सोमवार को जबरदस्त गिरावट से हिल चुके शेयर बाजार ने मंगलवार को ऐसा पलटवार किया कि निवेशकों के चेहरे खिल उठे। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने जबरदस्त तेजी दिखाई और पूरे बाज़ार में उत्साह की लहर दौड़ गई। भारी खरीदारी के बीच दोनों प्रमुख इंडेक्सों में बड़ी उछाल दर्ज की गई, जिससे सोमवार को हुई क्षति की काफी हद तक भरपाई होती दिखी। इस रिकवरी के पीछे कई पॉज़िटिव ग्लोबल संकेतों, एफआईआई निवेश में बढ़ोतरी, और प्रमुख सेक्टर्स में आई मजबूती को जिम्मेदार माना जा रहा है। खासकर बैंकिंग, आईटी और ऑटो

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सोमवार को आई ऐतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी की और निवेशकों के लिए राहत भरी सुबह लेकर आया। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50, दोनों प्रमुख इंडेक्सों ने शुरुआती कारोबार में ही रफ्तार पकड़ ली और तेजी के साथ हरे निशान में ट्रेडिंग शुरू की। जहां सेंसेक्स 1,189 अंकों की बढ़त के साथ 74,327.37 पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 ने भी 371 अंकों की छलांग लगाते हुए 22,532.30 का स्तर छू लिया।
हर सेक्टर में खरीदारी, मिडकैप-स्मॉलकैप भी चमके :
मंगलवार को बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग, ऑटो, आईटी, फार्मा से लेकर एफएमसीजी तक हर सेक्टोरल इंडेक्स ग्रीन जोन में दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती रही, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।
13 लाख करोड़ की गिरावट के बाद 8.47 लाख करोड़ की रिकवरी :
सोमवार को टैरिफ को लेकर ट्रंप की सख्त नीति और उसके बाद ग्लोबल मार्केट में फैली चिंता के चलते BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया था। लेकिन मंगलवार को बाजार के पलटवार के साथ ही BSE का मार्केट कैप 8.47 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया, जिससे निवेशकों ने राहत की सांस ली।
टैरिफ की टेंशन के बावजूद बाजार ने दिखाया दम :
ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर फैली वैश्विक बेचैनी के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई। विशेषज्ञ मानते हैं कि मंगलवार की तेजी एक शॉर्ट टर्म रिकवरी हो सकती है, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और टैरिफ विवाद की स्थिति को देखते हुए अभी भी सतर्कता जरूरी है। बाजार जानकारों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर ही फैसले लें, क्योंकि बाजार की दिशा आने वाले ग्लोबल घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।

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