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50% टैरिफ पर गरजा ड्रैगन; ट्रंप को चेतावनी
By EditorialPublished on
अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ऐलान ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है और अब चीन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है। चीन की वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी गलत और एकतरफा नीतियों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। साथ ही चीन ने यह भी कहा है कि यदि अमेरिका अपनी दबाव बनाने वाली रणनीति पर कायम रहता है, तो इसका असर वैश्विक व्यापार पर विनाशकारी हो सकता है। ड्रैगन के इस कड़े रुख ने अमेरिका-चीन संबंधों में तनाव और बढ़ा दिया है, जिससे दोनों देशों के बी

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अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। मंगलवार, 8 अप्रैल को चीन के वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) ने कड़ा बयान जारी करते हुए अमेरिका की टैरिफ नीति को "एकतरफा दबाव" और "ब्लैकमेल की रणनीति" करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि उसे अमेरिका द्वारा चीन पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की धमकी की जानकारी मिली है और अगर अमेरिका ऐसा करता है, तो चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए मजबूती से जवाब देगा।
'रेसिप्रोकल टैरिफ' पर चीन की दो टूक:
चीन ने अमेरिका की ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाने की योजना को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह सिर्फ चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की चाल है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन ने जो भी कदम उठाए हैं वे पूरी तरह से कानूनी और जायज हैं, और उनका उद्देश्य देश की संप्रभुता, सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा करना है।
'ट्रंप की जिद और ब्लैकमेलिंग उजागर' :
प्रवक्ता ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसकी धमकी पुराने गलत फैसलों पर आधारित है और यह फिर से उसकी "ब्लैकमेल" नीति को उजागर करता है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर अमेरिका अपनी जिद पर अड़ा रहा, तो चीन आखिरी दम तक लड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार युद्ध में कोई भी विजेता नहीं होता और संरक्षणवाद का रास्ता किसी के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता।
बातचीत की वकालत लेकिन शर्तों के साथ :
हालांकि चीन ने बातचीत के रास्ते खुले रखने की बात कही है, लेकिन स्पष्ट किया है कि बातचीत आपसी सम्मान और बराबरी के आधार पर ही संभव है। चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वह अपनी नीतियों की समीक्षा करे, सभी एकतरफा टैरिफ हटाए और व्यापारिक दबाव डालना बंद करे।
क्या है ट्रंप का दावा :
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि चीन ने पहले से लगाए गए टैरिफ के ऊपर 34% अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है। ट्रंप ने चीन पर अवैध सब्सिडी, मुद्रा हेरफेर और अनुचित व्यापार प्रथाओं का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर कोई देश अमेरिका पर शुल्क लगाता है, तो वह उससे भी अधिक टैरिफ के साथ जवाब देगा।
विश्लेषण: ट्रेड वॉर की आहट :
इस तीखी बयानबाज़ी से एक बार फिर वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर के बादल मंडराने लगे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो न सिर्फ अमेरिका और चीन की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ेगा।

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