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'हमारे विरोधी भी अपने'; लखनऊ में भागवत का बड़ा बयान
By EditorialPublished on
लखनऊ प्रवास के बाद अब लखीमपुर की ओर मोहन भागवत की राह, संत असंग देव से लेंगे आशीर्वाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उत्तर प्रदेश दौरा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। लखनऊ में हुई बैठकों, संवादों और बौद्धिक वर्गों से जुड़ी गतिविधियों के बाद अब उनका अगला पड़ाव लखीमपुर खीरी है। वहां वे कबीरपंथ की एक महत्वपूर्ण पीठ — कबीरधाम — में राष्ट्रीय संत असंग देव महाराज से मुलाकात करेंगे और उनका आशीर्वाद लेंगे। संघ प्रमुख की इस यात्रा को महज एक शिष्टाचार भेंट के रूप में नहीं, बल्कि व्याप

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत इन दिनों उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं। वाराणसी में पांच दिन के प्रवास के बाद वे आज सुबह लखनऊ पहुंचे, जहां उनका स्वागत चारबाग रेलवे स्टेशन पर हुआ। सुबह 6:30 बजे ट्रेन से पहुंचे संघ प्रमुख सीधे भारती भवन पहुंचे, जहां उन्होंने अवध प्रांत के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का केंद्र बिंदु रहा संघ का शताब्दी वर्ष-2025, जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। संघ प्रमुख इस दौरे में संगठन के भविष्य की दिशा तय करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के उद्देश्य से गहन मंथन कर रहे हैं।
नाराज़ कार्यकर्ताओं से 'मन ठीक' संवाद :
लखनऊ में केवल दो घंटे रुकने वाले मोहन भागवत ने इस अल्प प्रवास को भी बेहद सार्थक बना दिया। उन्होंने पुराने और निष्क्रिय हो चुके कार्यकर्ताओं से ‘मन ठीक’ पहल के तहत संवाद किया। इस पहल का उद्देश्य है – पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करना और उन्हें संगठन से दोबारा जोड़ना।
लखीमपुर में संत असंग देव से मिलेंगे भागवत :
लखनऊ प्रवास के बाद डॉ. भागवत लखीमपुर खीरी के लिए रवाना होंगे। वहां वे कबीरधाम में कबीरपंथी परंपरा के प्रसिद्ध संत असंग देव महाराज से आशीर्वाद लेंगे। संत असंग देव का प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है। इस मुलाकात को संघ की संत समाज के बीच मजबूत होती पैठ के रूप में देखा जा रहा है, जो सामाजिक समरसता के साथ-साथ आगामी रणनीतियों के लिए भी अहम मानी जा रही है।
2025 के लिए बड़ी तैयारी :
लखनऊ प्रवास के दौरान डॉ. भागवत संघ की समाज के प्रति भूमिका को लेकर भी चिंतन करेंगे। यह तय किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में संघ समाज के लिए कौन से नए कार्य प्रारंभ करे। अक्टूबर-नवंबर 2025 से संघ एक विशेष अभियान की शुरुआत करेगा, जिसके तहत संघ के इतिहास, विचारधारा और कार्यशैली को आम जन तक पहुंचाने की योजना है।
हर दौरे की तरह इस बार भी विशेष महत्व :
डॉ. भागवत इससे पहले भी 2022 और 2023 में लखनऊ आ चुके हैं। 2022 में उन्होंने 'समरस समाज और संगठन' पर बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया था। हर बार की तरह इस बार भी उनका लखनऊ दौरा संघ की आगामी रणनीतियों और संगठनात्मक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।

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