shear Market Down Today
दुनिया भर के शेयर बाजारों में सोमवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली, जिसका मुख्य कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा बताया जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत 'ब्लैक मंडे' जैसी भयंकर गिरावट के साथ हुई, जिसने निवेशकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।
सेंसेक्स में 3379 अंकों की भारी गिरावट, यानी करीब 4.48% की गिरावट के साथ यह 72,623 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 1056 अंक गिरकर 21,848.40 पर पहुंचा। इस बड़ी गिरावट से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 19.39 लाख करोड़ रुपये घट गया, यानी निवेशकों की संपत्ति में भारी कटौती हुई।
वैश्विक असर:
  • हांगकांग शेयर बाजार में 10% की गिरावट
  • चीन और जापान के बाजारों में 6% गिरावट
  • अमेरिका के एसएंडपी और नैस्डैक में 3% की गिरावट
  • ऑस्ट्रेलिया, कोरिया के बाजार भी बुरी तरह लुढ़के
भारतीय दिग्गज शेयरों में बड़ी गिरावट:
  • टाटा मोटर्स और टाटा स्टील: 10% से ज्यादा गिरावट
  • HCL Tech, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एलएंडटी: 6-7% गिरावट
  • रिलायंस और TCS: 5% गिरावट
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो यह गिरावट 1987 के ऐतिहासिक 'ब्लैक मंडे' जैसी तबाही में बदल सकती है। अमेरिका के मार्केट एक्सपर्ट जिम क्रेमर ने चेतावनी दी है कि यह "सोमवार शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बुरा दिन बन सकता है।" विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह बाज़ार में अस्थिरता बनी रहेगी। 9 अप्रैल को RBI की मौद्रिक नीति बैठक, 10 अप्रैल से TCS के नतीजे, और अमेरिका-भारत की महंगाई दर के आंकड़े भी मार्केट मूड पर असर डाल सकते हैं। निवेशकों को इस वक्त सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर खास नजर बनाए रखने की जरूरत है। क्या आने वाले दिनों में बाज़ार में स्थिरता लौटेगी या फिर होगी 1987 जैसी बड़ी गिरावट? वक्त ही बताएगा...
Editorial

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