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Bharat का सख्त रुख; परमाणु धमकी के चलते Khawaja Asif का 'X' अकाउंट ब्लॉक!
By EditorialPublished on
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हमले में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाए जाने के बाद भारत में आक्रोश की लहर है, वहीं सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इस घटना ने न सिर्फ सीमा पर हालात को और संवेदनशील बना दिया है, बल्कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।

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22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच भारत सरकार ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 'X' (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को बैन कर दिया है। ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में परमाणु हथियारों की धमकी दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
परमाणु धमकी के बाद भारत की सख्ती :
पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने एक बयान में कहा था कि यदि पाकिस्तान के अस्तित्व को कोई सीधा खतरा हुआ, तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया था कि पाकिस्तान हाई अलर्ट पर है और उसकी सेना हर चुनौती के लिए तैयार है। भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया।
पाकिस्तान के यूट्यूब चैनलों पर भी बैन :
केवल सोशल मीडिया तक ही नहीं, भारत सरकार ने गृह मंत्रालय की सिफारिश पर पाकिस्तान के कई बड़े यूट्यूब चैनलों को भी बैन कर दिया है। ये चैनल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत, सेना और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भ्रामक, भड़काऊ और राष्ट्रविरोधी सामग्री फैला रहे थे।
बैन किए गए यूट्यूब चैनलों की सूची :
- जियो न्यूज (1.81 करोड़ सब्सक्राइबर)
- एआरवाई न्यूज (1.46 करोड़ सब्सक्राइबर)
- समा टीवी (1.27 करोड़ सब्सक्राइबर)
- बोल न्यूज (78.5 लाख सब्सक्राइबर)
- डॉन न्यूज (19.6 लाख सब्सक्राइबर)
इरशाद भट्टी, जीएनएन, रफ्तार, उजैर क्रिकेट, उमर चीमा एक्सक्लूसिव, अस्मा शिराजी, मुनीब फारूक, सुनो न्यूज HD, राजी नामा सहित अन्य चैनल शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ये चैनल भारत की शांति, एकता और सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाल सकते थे, इसलिए उन पर त्वरित कारवाई की गई है।
भारत की इस डिजिटल स्ट्राइक को पाकिस्तान के उकसाने वाले बयानों और फेक न्यूज़ अभियान के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। आने वाले दिनों में भारत और भी सख्त कदम उठा सकता है, यदि पाकिस्तान की तरफ से ऐसे बयान और प्रचार जारी रहते हैं।

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