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Canada में नया दौर; Trump की धमकियों के बावजुद Mark Carney की जीत
By EditorialPublished on
*कनाडा की राजनीति में बड़ा बदलाव! देश के आम चुनावों में लिबरल पार्टी ने एक बार फिर बाज़ी मार ली है और पूर्व केंद्रीय बैंकर और ट्रंप विरोधी छवि वाले मार्क कार्नी को नया प्रधानमंत्री चुना गया है। यह ऐतिहासिक फैसला कनाडा की जनता की उस सोच को दर्शाता है, जो स्थिरता, जलवायु नीतियों और अमेरिका की आक्रामक राजनीति के खिलाफ एक संतुलित नेतृत्व की तलाश में थी। सरकारी चैनलों CBC और CTV न्यूज ने इस बड़ी राजनीतिक जीत की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्नी की अगुवाई में लिबरल पार्टी ने विपक्ष को करारी शिकस्त दी है। यह चुना

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कनाडा में हाल ही में हुए आम चुनावों में लिबरल पार्टी ने इतिहास रच दिया है। पार्टी ने लगातार चौथी बार सरकार बनाने में सफलता हासिल की है और इस बार नेतृत्व कर रहे पूर्व केंद्रीय बैंकर मार्क कार्नी को देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया है। CBC और CTV न्यूज जैसे सरकारी मीडिया चैनलों ने इस ऐतिहासिक परिणाम की पुष्टि की है। इस चुनाव में कार्नी ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवरे को हराया। खास बात यह रही कि अपने प्रचार अभियान के दौरान कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “कनाडा को अमेरिका में मिला देने” जैसी टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाया और देश की संप्रभुता की खुलकर वकालत की।
कौन हैं मार्क कार्नी ?
मार्क कार्नी, जिनका जन्म 16 मार्च 1965 को कनाडा के फोर्ट स्मिथ में हुआ था, ने अपनी शिक्षा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्राप्त की। पेशे से निवेश बैंकर रहे कार्नी ने गोल्डमैन सैक्स जैसी कंपनियों में न्यूयॉर्क, टोक्यो और लंदन जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्रों में काम किया।
कनाडा और ब्रिटेन में आर्थिक नेतृत्व :
2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान कार्नी ने कनाडा के सेंट्रल बैंक के गवर्नर के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया। उनकी सूझबूझ के चलते कनाडा उस संकट से अपेक्षाकृत सुरक्षित रहा। इसके बाद 2013 में वे ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्लैंड के प्रमुख बनाए गए—यह पद पहले कभी किसी गैर-ब्रिटिश व्यक्ति को नहीं मिला था।
ब्रेक्सिट से लेकर ट्रंप तक :
ब्रिटेन के ब्रेक्सिट संकट के दौरान भी कार्नी ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। 2019 में बैंक ऑफ इंग्लैंड से विदाई के समय उन्हें “मजबूत, आत्मविश्वासी और समझदार नेता” के रूप में सराहा गया। “मैं संकट नहीं लाता, उन्हें ठीक करने आता हूं” हाल ही में एक कॉमेडी शो में जब होस्ट ने मजाक किया कि कार्नी जहां जाते हैं, वहां आर्थिक संकट शुरू हो जाता है, तो कार्नी ने हंसते हुए जवाब दिया, “मैं संकट नहीं लाता, उन्हें ठीक करने आता हूं।”
मार्क कार्नी की जीत सिर्फ एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि यह एक संदेश है—संप्रभुता, स्थिरता और व्यावसायिक अनुभव को अब भी लोकतंत्र में सराहा जाता है। अब देखना होगा कि कार्नी अपने वैश्विक अनुभव और ट्रंप विरोधी छवि के साथ कनाडा को किस दिशा में ले जाते हैं।

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