Tensions Soar; Return to India Gains Pace
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना रुख और भी सख्त कर लिया है। भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए दी गई 48 घंटे की डेडलाइन आज, 27 अप्रैल को समाप्त हो गई। अटारी बॉर्डर से लगातार पाकिस्तानियों को वापस भेजा जा रहा है। पंजाब पुलिस के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल के मुताबिक, चार दिनों में 537 पाकिस्तानी नागरिक अटारी बॉर्डर के रास्ते वापस पाकिस्तान लौट चुके हैं। वहीं इसी दौरान पाकिस्तान से 850 भारतीय नागरिक भारत में वापसी कर चुके हैं, जो इस आपात स्थिति में अपने वतन लौटने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आंकड़ों में भारत-पाक आवाजाही :
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भारत से पाकिस्तान गए :
  • 24 अप्रैल: 28
  • 25 अप्रैल: 191
  • 26 अप्रैल: 75
  • 27 अप्रैल: 237
पाकिस्तान से भारत लौटे:
  • 24 अप्रैल: 105
  • 25 अप्रैल: 287
  • 26 अप्रैल: 335
  • 27 अप्रैल: 116
सरकार ने 12 प्रकार के वीजा धारकों को भारत छोड़ने का आदेश दिया था, जिनमें SAARC वीजा वाले नागरिकों के लिए डेडलाइन 26 अप्रैल को समाप्त हो गई थी। हालांकि, मेडिकल वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक का समय दिया गया है। लॉन्ग टर्म वीजा धारकों को इस आदेश से छूट मिली है।
पहलगाम हमले के बाद आतंकियों पर करारा वार :
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ भी जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। 24 अप्रैल से अब तक 9 आतंकियों के घरों को जमींदोज किया जा चुका है।
  • 24 अप्रैल को: अनंतनाग के आतंकी आदिल गुरी और शोपियां के अदनान शफी का घर ध्वस्त किया गया।
  • 25 अप्रैल को: शोपियां में शाहिद कुटे, पुलवामा में एहसान उल हक, और कुलगाम में जाकिर गनी के मकान तोड़े गए।
  • 26-27 अप्रैल को: कुपवाड़ा के फारूक अहमद, बांदीपोरा के जमील अहमद शीर और त्राल के आमिर नजीर वानी के घर गिरा दिए गए।
इस कारवाई का उद्देश्य आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश देना है कि भारत आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
सरकार का स्पष्ट संदेश :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दो टूक कहा है कि आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। चाहे वे देश के भीतर हों या बाहर, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। देश की जनता भी पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब चाहती है और सरकार के हर कदम का समर्थन कर रही है।
Editorial

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