NIA Investigates; Pahalgam Attackers
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जांच की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है और सुराग जुटाने के लिए अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, और एनआईए की जांच से अब तक यह सामने आया है कि हमले में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का हाथ हो सकता है। एनआईए ने हमले में शामिल तीन आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं, जिनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा बताए जा रहे हैं। तीनों पाकिस्तानी हैं, और इस हमले में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही, एनआईए की टीम ने घटनास्थल पर एक सघन जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।
एनआईए के एक बयान के अनुसार, आतंकवादियों के बारे में सुराग हासिल करने के लिए प्रवेश और निकास बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है, ताकि हमले के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि चश्मदीदों से पूछताछ भी जारी है। मंगलवार को हुए हमले में, आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था, और इस हमले की भयावहता ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच के लिए पूरे देश में टीमें भेजी गईं :
एनआईए की टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में पीड़ितों के परिवारों से बयान दर्ज किए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस हमले में शामिल आतंकवादियों की संख्या पांच से सात तक हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों को पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादियों से मदद मिली थी।
संदिग्ध आतंकियों ने बॉडी कैमरे से हमले को किया रिकॉर्ड :
सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया कि हमले में शामिल आतंकवादियों ने अपनी बर्बरता को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया। एनआईए अब इस रिकॉर्डिंग को देखने और उस आधार पर हमलावरों की पहचान की कोशिश कर रही है।
पाकिस्तान से हमले के तार जुड़े होने की आशंका :
इस हमले के बाद से देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में छिपे हों।
आतंकी हमले की जांच के लिए और कड़ी कारवाई की जाएगी :
एनआईए अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है, और जो भी इस हमले में शामिल होंगे, उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। आतंकवाद रोधी एजेंसी की टीमें पाकिस्तान और कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में छानबीन कर रही हैं, ताकि हमले की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
इस घटना ने न केवल कश्मीर बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है और सभी का ध्यान इस हमले की जांच की दिशा में केंद्रित हो गया है। एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस हमले में शामिल सभी आतंकवादियों और उनके आकाओं का पर्दाफाश होगा।
Editorial

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