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Aligarh में SP सांसद पर हमला; करणी सेना का विरोध प्रदर्शन..
By EditorialPublished on
अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा के पास बड़ी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी एकत्रित हुए थे, जब सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले में जा रही गाड़ियों पर टायर फेंके गए। इस घटना ने इलाके में तनाव को जन्म दिया और सुरक्षा व्यवस्था को चौकस कर दिया गया।

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अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर करणी सेना और क्षत्रीय महासभा के पदाधिकारियों ने हमला कर दिया। यह घटना अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी एकत्रित थे। हमलावरों ने सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले में जा रही गाड़ियों पर टायर फेंके, जिसके बाद गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं। इस हमले ने इलाके में तनाव को बढ़ा दिया और पुलिस को तुरंत स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
घटना के बाद सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह मामला बहुत गंभीर है। हमें पुलिस प्रशासन ने टोल पर रोक लिया और गाड़ियों को रोकने का आदेश दिया। उत्तर प्रदेश में दलितों के उत्पीड़न की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। बुलंदशहर में दलितों के खिलाफ छह अपराधों की घटनाएँ हो चुकी हैं। प्रदेश में एक बाढ़ जैसी स्थिति बन चुकी है, जहां दलित परिवारों की नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं और उनकी बारातों को रोका जा रहा है। इस सब के बीच बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को भी तोड़ा जा रहा है।"
यह हमला सपा सांसद द्वारा राज्यसभा में राणा सांगा को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद हुआ। सुमन ने राणा सांगा के बारे में टिप्पणी की थी, जिसे करणी सेना और अन्य राजपूत संगठनों ने बुरा माना था और विरोध स्वरूप प्रदर्शन किए थे। करणी सेना ने तो इसके खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सांसद के आवास पर भी तोड़फोड़ की थी। इस विवाद ने सपा सांसद के खिलाफ करणी सेना और क्षत्रीय महासभा को एकजुट कर दिया, जिन्होंने अलीगढ़ में इस तरह का हिंसक हमला किया।
हमले के बाद अलीगढ़ पुलिस ने सपा सांसद रामजीलाल सुमन को सुरक्षा प्रदान करते हुए उन्हें आगरा के लिए रवाना किया और हाथरस सीमा के पास छोड़ दिया। अलीगढ़ सीमा से बाहर जाने के बाद सांसद ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे हमलों से प्रदेश में माहौल और बिगड़ेगा।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है। करणी सेना और अन्य संगठनों ने सपा सांसद के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है, जबकि सपा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह घटना सपा सांसद द्वारा किए गए बयान और उस पर करणी सेना के विरोध के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है, जो राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न राजनैतिक संगठनों के बीच तीखे विरोध को जन्म दे रहा है।

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