After Asim Munir; Bilawal’s Kin Head to Canada
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया है। इस सख्त कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पाकिस्तान के बड़े नेताओं और सेना अधिकारियों के परिवार देश छोड़कर भागने लगे हैं।
ताजा खबर के मुताबिक, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के परिवार के सदस्य बख्तावर भुट्टो और असिफा भुट्टो रविवार सुबह पाकिस्तान छोड़कर कनाडा रवाना हो गए। इससे पहले पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के परिवार के भी देश छोड़ने की खबरें सामने आई थीं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कई आला सैन्य अधिकारियों ने भी अपने परिवारों को ब्रिटेन और अमेरिका भेज दिया है।
बिलावल की धमकी के बाद भागा परिवार :
सिंधु जल संधि सस्पेंड होने के बाद बिलावल भुट्टो ने भारत को धमकी दी थी कि अगर पाकिस्तान का पानी रोका गया तो "खून की नदियां बहेंगी"। लेकिन उनकी इस धमकी के महज एक दिन बाद ही उनके परिवार के सदस्य पाकिस्तान छोड़कर भाग निकले। इससे पाकिस्तान की हकीकत और वहां के नेताओं के दोहरे रवैये का भी पर्दाफाश हो गया है।
भारतीय सेना का सख्त संदेश :
भारत ने पहलगाम हमले के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए अरब सागर में आईएनएस सूरत से मिसाइल परीक्षण कर स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को अब बख्शा नहीं जाएगा। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवादियों और उनके आकाओं को दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपना पड़े, उन्हें ढूंढ निकाला जाएगा और सजा दी जाएगी।
देश में गुस्सा, सरकार के साथ विपक्ष भी :
पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मसले पर सरकार का समर्थन करते हुए कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ जो भी निर्णय लिया जाएगा, विपक्ष उसमें सरकार के साथ रहेगा। फिलहाल भारत ने न केवल सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया है, बल्कि पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा भी रद्द कर उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। साथ ही भारत ने पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रिश्तों को भी न्यूनतम स्तर तक सीमित कर दिया है।
अब देखना यह होगा कि भारत का अगला कदम क्या होगा, लेकिन एक बात तय है—पहलगाम हमले का जवाब बहुत जल्द और बहुत कड़ा दिया जाएगा।
Editorial

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