Pakistan Yields After Threats: Shahbaz
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार (26 अप्रैल) को बड़ा बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के पहलगाम में हुई 26 लोगों की हत्या की "निष्पक्ष और पारदर्शी" जांच में शामिल होने के लिए तैयार है। डॉन डॉट कॉम के मुताबिक, पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी काकुल में पासिंग आउट परेड के दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत बिना किसी विश्वसनीय जांच या पुख्ता सबूत के पाकिस्तान पर झूठे आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा, "एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में पाकिस्तान किसी भी निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भाग लेने को तैयार है।"
'कश्मीर पाकिस्तान की गर्दन की नस' ;
अपने भाषण के दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा। उन्होंने कहा, "कश्मीर पाकिस्तान की गर्दन की नस है," और इस मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी करते हुए भारत पर निशाना साधा। हालांकि आतंकवाद के खिलाफ बयान देते हुए शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान खुद भी आतंकवाद का शिकार रहा है और इस लड़ाई में उसने 90,000 से ज्यादा जानें और 600 बिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक क्षति झेली है।
भारत ने उठाए सख्त कदम :
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। भारत ने 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया है, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद कर दिया गया है और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं। इन फैसलों ने भारत के कड़े रुख को साफ कर दिया है। जवाबी प्रतिक्रिया में पाकिस्तान ने भी शिमला समझौते को स्थगित करने और भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने जैसे कदम उठाए हैं। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से आ रहे नरम सुरों को भारत में शंका की नजर से देखा जा रहा है। कूटनीतिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
Editorial

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