India Enters Water Diplomacy Phase
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जब पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा चरम पर है, उसी समय बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेश को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बांग्लादेश पर निशाना साधा और लिखा, "बांग्लादेश भी बड़ा छटपट कर रहा है, अब उसका भी गंगा नदी का पानी बंद करने का समय आ गया है। पानी पीकर जीएगा हमसे, गाएगा पाकिस्तान से?"
निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट के साथ एक अंग्रेजी वेबसाइट की खबर का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। उस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार डॉ. आसिफ नजरूल ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ ऑपरेटिव इजहार से ढाका में मुलाकात की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुलाकात पहलगाम हमले के एक दिन बाद हुई थी, जिससे बांग्लादेश सरकार की मंशा और चरमपंथ के साथ संभावित संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गंगाजल को लेकर भी दुबे का तंज :
अपने पोस्ट में दुबे ने तंज कसते हुए लिखा, "गंगाजल इन पापियों को?" यानी गंगा नदी के पवित्र जल का लाभ उन लोगों को नहीं दिया जाना चाहिए जो भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
सिंधु जल संधि सस्पेंड करने पर भी दी थी प्रतिक्रिया :
निशिकांत दुबे ने हाल ही में मोदी सरकार के सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले की भी जोरदार सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि अब पाकिस्तान बिना पानी के तड़पेगा। साथ ही दुबे ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नेहरू 1960 में नोबेल पुरस्कार पाने की चाह में 'सांप को भी पानी पिलाने' के लिए तैयार हो गए थे। गौरतलब है कि सिंधु जल संधि 19 सितंबर 1960 को नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हुई थी, जो दशकों से दोनों देशों के बीच पानी के बंटवारे का आधार रही है। देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश के बीच अब बांग्लादेश पर भी सवाल उठने लगे हैं। निशिकांत दुबे के बयान से साफ है कि केंद्र सरकार से अब पड़ोसी देशों के खिलाफ और कड़ा रुख अपनाने की मांग जोर पकड़ सकती है।
Editorial

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