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मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल के चलते पहली बार 24 कैरेट सोना रु.1,01,350 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना रु. 92,900 तक पहुंच गया। इस तेजी की प्रमुख वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व में बड़े बदलाव की योजना और वैश्विक बाजार में अस्थिरता मानी जा रही है।
भारत में भी असर
भारत में सोने के दाम आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुरूप चलते हैं। डॉलर में गिरावट के चलते विदेशी निवेशकों के लिए सोना सस्ता और आकर्षक हो गया है। मार्च 2024 से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 59% की वृद्धि हुई है।
क्यों बढ़ रही है मांग?
ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व प्रमुख जेरोम पॉवेल की आलोचना और ब्याज दरों में कटौती न करने को लेकर बढ़ती असहमति से निवेशकों में चिंता बढ़ी है। साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका की आर्थिक अनिश्चितता और चीन से बढ़ते व्यापारिक तनाव ने भी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को बढ़ाया है।
विशेषज्ञों की राय
एनएस रामास्वामी (वेंचुरा) के अनुसार, फेड पर ट्रंप के हमलों और डॉलर में कमजोरी से सोने को समर्थन मिल रहा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी ने कहा कि चीन, केंद्रीय बैंक और संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से तेजी को और बल मिला है।
डॉलर फिसला, सोना चमका
सोमवार को डॉलर तीन साल के निचले स्तर 97.92 तक फिसल गया, जिससे वैश्विक निवेशकों ने यूएस एसेट्स से दूरी बनाई और सोने की ओर रुख किया।
Editorial

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