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मुंबई। महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा विले पार्ले स्थित दिगंबर जैन मंदिर का बड़ा हिस्सा गिराने को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को फटकार लगाए जाने के एक दिन बाद, मनपा अधिकारियों ने ध्वस्त ढांचे से सटे एक निजी होटल का निरीक्षण शुरू किया।
अल्पसंख्यक आयोग ने ध्वस्तीकरण स्थल का सर्वेक्षण करने और उसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के तहत होटल के ब्लूप्रिंट की जांच की गई और यह भी देखा जा रहा है कि होटल प्रबंधन ने अपने परिसर के विस्तार का कोई प्रस्ताव दिया है या नहीं और अगर दिया है तो वह योजना नियमों के अनुरूप है या नहीं।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण मंगलवार को ही शुरू हो गया था और इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आयोग को गुरुवार को पेश की जाएगी। जैन समाज के सदस्यों और मंदिर ट्रस्टियों ने मांग की है कि बीएमसी मंदिर के उन हिस्सों का पुनर्निर्माण करे जिन्हें गिराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का कोई भी निर्णय अंतिम अदालती सुनवाई के बाद ही लिया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, बीएमसी का मानना है कि यह पूरा स्ट्रक्चर वैध नहीं है और ऐसे में अदालत को यह निर्देशित करना चाहिए कि बीएमसी को इसे पुनर्निर्मित करना होगा।
गौरतलब है कि इस मंदिर के खिलाफ तोड़क कार्रवाई के बाद से जैन समाज के सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया था। मंदिर ट्रस्टियों और समाज के सदस्यों का आरोप है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होटल मालिकों द्वारा परिसर विस्तार की योजना के चलते हुई है। वहीं होटल मालिकों ने इस बात से इनकार किया है। राज्यभर से जैन समाज के सदस्यों ने सड़कों पर उतर कर विरोध जताया था। इसके बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने बीएमसी की आलोचना की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
Editorial

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