Tough Talk: Amit Shah’s Directive Targets Pakistanis
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के सभी मुख्यमंत्रियों से बात की और अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तुरंत पहचान करने का निर्देश दिया।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला 22 अप्रैल 2025 को बैसारन, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद करार देते हुए भारत ने कई सख्त कदम उठाए हैं।
सरकार ने उठाए ये कड़े फैसले :
  • सिंधु जल समझौते को निलंबित किया गया
  • अटारी-वाघा बॉर्डर को किया गया बंद
  • पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को देश से बाहर भेजा गया
  • सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का निर्णय
वीजा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू :
अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया कि वे पाकिस्तानी नागरिकों की सूची केंद्र को भेजें ताकि 27 अप्रैल 2025 से पहले उनके वीजा रद्द किए जा सकें। हालांकि मेडिकल वीजा 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे। साथ ही भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से जल्द वापस लौटने की सलाह दी गई है।
राज्यों को मिली सख्त चेतावनी :
गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा है कि यह काम सबसे बड़ी प्राथमिकता पर किया जाए और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए। केंद्र और राज्य मिलकर इस प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत-पाक रिश्तों में बढ़ा तनाव :
हमले के बाद भारत ने नई दिल्ली में मौजूद पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया है और इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के स्टाफ को घटाकर 30 कर दिया गया है। जवाब में पाकिस्तान ने भारत के विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और सभी व्यापारिक गतिविधियां रोक दी हैं। सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के भारत के फैसले को पाकिस्तान ने "युद्ध जैसी कार्रवाई" करार दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि अब आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। केंद्र और राज्य मिलकर पाकिस्तान से जुड़े हर पहलू पर कड़ा रुख अपना रहे हैं — चाहे वो सीमा पार से आए नागरिक हों या राजनयिक संबंध।
Editorial

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