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मुंबई। साध्वी डॉ मंगल प्रज्ञा अपनी सहवर्तनी साध्वियों के साथ गुजरात सीमा में प्रवेश किया। उनका आगामी चातुर्मास सूरत में है। उन्होंने मार्ग में वसई, नालासोपारा, विरार, सफाले, केलवे गांव, पालघर, बोईसर, वानगांव, घोलवड़ में प्रवास किया। सफाले में स्थानकवासी समुदाय की साध्वी मनीषा मसा एवं साध्वी पूर्वा मसा के साथ रात्रिकालीन प्रवचन में समाज की उपस्थिति रही। श्रमण संघ के युवाचार्य महेंद्र ऋषि महाराज और प्रवर्तक प्रकाश मुनि के साथ मिलन हुआ। उन्होंने आचार्य महाश्रमण के साथ आचार्य शिव मुनि के मिलन की चर्चा की। पालघर में 11 दिवसीय प्रवास रहा। विरार में श्रावक सम्मेलन हुआ। बोईसर में स्थानकवासी साध्वी प्रफुल्लश्री मसा के साथ आयोजन हुआ। गुजरात प्रवेश पर साध्वी डॉ. मंगल प्रज्ञा ने कहा कि गुरु भक्ति से ही सफलता मिलती है। गुरु निर्देश पालन हमारा प्रथम कर्तव्य है। सूरत विहार सेवा प्रभारी नरेंद्र कावड़िया, बोईसर तेरापंथ सभा अध्यक्ष चंद्रेश सोलंकी, तपिश जैन आदि उपस्थित रहे। साध्वी सुदर्शन प्रभा, साध्वी अतुल्ययशा, साध्वी राजुल प्रभा, साध्वी डॉ. चैतन्य प्रभा और साध्वी डॉ. शौर्य प्रभा ने सामूहिक संघान किया।
Editorial

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