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मुंबई। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने और अनावश्यक देरी तथा दस्तावेज़ों की मनमानी मांग को रोकने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए। नए नियमों के अनुसार, अधिकारियों को अब केवल एक स्वामित्व प्रमाण दस्तावेज ( किराया या लीज़ एग्रीमेंट के साथ) की मांग करने की अनुमति है। अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग तभी की जा सकेगी जब उसके लिए किसी सहायक आयुक्त या उपायुक्त की पूर्व अनुमति ली गई हो।
सीबीआईसी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई आवेदन पूर्ण है और ‘जोखिमपूर्ण’ की श्रेणी में नहीं आता है, तो उसे 7 कार्य दिवसों के भीतर निपटाया जाना चाहिए। वहीं, जोखिमपूर्ण माने गए आवेदनों की भौतिक जांच अनिवार्य होगी और उन्हें 30 दिन के भीतर प्रक्रिया में लाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को अब ऐसे प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं है जो आवेदन में प्रस्तुत दस्तावेजों से असंबंधित हों। जीपीएस सक्षम फोटो भी 30 दिनों की समय सीमा की अंतिम तिथि से 5 दिन पहले पोर्टल पर अपलोड किए जाने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव करदाताओं को राहत देंगे और पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाएंगे।
Editorial

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