mumbai
रीवा। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की बंजर और ऊसर भूमि अब किसानों की समृद्धि का नया द्वार खोलने जा रही है। विंध्य क्षेत्र के विकास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ने वाला है क्योंकि पतंजलि योगपीठ ने यहां एक व्यापक कृषि क्रांति की शुरुआत की।
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मऊगंज स्थित भूमि की रजिस्ट्री पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को सौंपी। समारोह के उपरांत आचार्य बालकृष्ण ने मऊगंज के जिलाधिकारी संजय कुमार जैन के साथ भूमि का निरीक्षण किया और आगामी योजनाओं पर गहन विमर्श किया। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में पतंजलि योगपीठ ने किसानों की समृद्धि का जो सपना देखा था, वह अब साकार होने की ओर अग्रसर है। हम मध्य प्रदेश में एक ऐसा कृषि मॉडल स्थापित करेंगे जो पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा।
रीवा क्षेत्र के मऊगंज जिले के ग्राम घुरेहटा में पतंजलि एक समग्र औद्योगिक पार्क विकसित करेगा। इस परियोजना के तहत किसानों को फसल विविधीकरण की दिशा में प्रोत्साहित किया जाएगा और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की सुविधाएँ भी सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी योजना केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। हम स्थानीय समुदायों में जागरूकता फैलाना और उनके कौशल को निखारना चाहते हैं ताकि एक समृद्ध और आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र का निर्माण हो सके। इसके अलावा स्थानीय निवासियों को पतंजलि की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिलेगा। इस परियोजना से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। यह योजना राज्य की औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की समृद्धि बढ़ाना, रोजगार के अवसर सृजित करना और क्षेत्र के समग्र विकास को गति प्रदान करना है।
कार्यक्रम में एमपीआईडीसी लिमिटेड, रीवा के कार्यकारी निदेशक यू.के. तिवारी, महाप्रबंधक नवेंदु शुक्ला तथा कार्यकारी अभियंता के.के. गर्ग की भी उपस्थिति रही।
Editorial

Editorial

Next Story