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मुंबई। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर विलेपार्ले स्थित 35 वर्ष पुराने जैन समाज के आस्था केंद्र को महानगर पालिका ने पुलिस की व्यवस्था करते हुए ध्वस्त कर दिया, जिससे सकल जैन समाज के श्रावकों में भारी आक्रोश है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि पालिका ने जैन समाज का जिनालय ध्वस्त करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जैन समाज के चारों संप्रदायों के श्रावकों ने इस घटनाक्रम को धार्मिक स्थल पर हमला करार देते हुए कहा कि यह न सिर्फ संविधान के नियम एवं कानून की अवमानना है बल्कि समाज के अधिकारों का हनन भी है। सकल जैन समाज के निवेदन पर रात्रि 11 बजे विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने आकर समाज के श्रावकों को ढांढस बन्धाया। विधायक के नेतृत्व में जैन उपाश्राय विलेपार्ले में सकल जैन समाज के चारों संप्रदायों की बैठक की गई, जिसमें मंदिर का पुनः जिर्णोद्धार करवाने के लिए गहन विचार विमर्श किया एवं आगे की ठोस रणनीति बनाकर कमेटी गठित की गई। उपस्थित श्रावकों के निर्णय पर 19 अप्रैल शनिवार प्रातः 10 बजे श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर विलेपार्ले प्रांगण में एकत्रित होकर आक्रोश रैली निकाली जाएगी एवं महानगर पालिका के सहायक आयुक्त को मंदिर का पुनः जिर्णोद्धार करने का ज्ञापन दिया जायेगा। विधायक लोढ़ा ने सभा में कहा कि मैं मानता हूं कि जैन समाज के साथ अन्याय हुआ है। समाज को न्याय दिलाने के लिए मैं हर संभव सहयोग प्रदान करुंगा एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस एवं प्रशासन के उच्च अधिकारियों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों से बातचीत करके समाधान निकालने का प्रयास करुंगा। समाज के वरिष्ठगणों ने रोष प्रदर्शन करते हुए अपने विचार रखे। यह जानकारी राजमल पेमावत ने दी।

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