mumbai
मुंबई। त्रि-भाषा फॉर्मूले के तहत हिन्दी थोपने का विवाद अब महाराष्ट्र पहुंच चुका है। महाराष्ट्र की नव निर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने केंद्र सरकार की तीन-भाषा नीति की आलोचना की है और कहा है कि वह हर जगह हिन्दी थोपने नहीं देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, आपका जो भी त्रि-भाषा फॉर्मूला है, उसे सरकारी मामलों तक ही सीमित रखिए, उसे शिक्षा में न लाएं।
उन्होंने आगे कहा कि एमएनएस केंद्र सरकार के हर चीज को ‘हिंदीकृतÓ करने के मौजूदा प्रयासों को इस राज्य में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने लिखा, हम हिंदू हैं, लेकिन हिंदी नहीं! अगर आप महाराष्ट्र को हिंदी के रूप में चित्रित करने की कोशिश करेंगे, तो महाराष्ट्र में संघर्ष होना तय है। अगर आप यह सब देखेंगे, तो आपको एहसास होगा कि सरकार जानबूझकर यह संघर्ष पैदा कर रही है। क्या यह सब आगामी चुनावों में मराठी और गैर-मराठी के बीच संघर्ष पैदा करने और इसका फायदा उठाने की कोशिश है?
Editorial

Editorial

Next Story