Yogi Bhogi

पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी एक बार फिर तेज़ हो गई है। वक्फ एक्ट को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमामों के साथ हुई बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमला बोला। ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ‘सबसे बड़ा भोगी’ तक कह डाला। ममता के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है और भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।

क्या कहा ममता बनर्जी ने?

कोलकाता में वक्फ एक्ट और मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर आयोजित एक अहम बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने इमामों और धर्मगुरुओं के सामने भाजपा नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“योगी खुद को बड़ा त्यागी दिखाते हैं, लेकिन असल में सबसे बड़ा भोगी वही है। दूसरों पर उपदेश देने वाले ये लोग समाज में ज़हर घोल रहे हैं।”

ममता यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा कि भाजपा देश को साम्प्रदायिक आधार पर बांटना चाहती है।
“ये लोग धर्म और वक्फ का मुद्दा उठाकर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। मैं अपने राज्य में किसी भी कीमत पर सांप्रदायिकता बर्दाश्त नहीं करूंगी।”

योगी आदित्यनाथ का पलटवार

दरअसल, इससे पहले मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला था। योगी ने वक्फ एक्ट को लेकर पश्चिम बंगाल में हुई हिंसक घटनाओं पर ममता की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“बंगाल जल रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री चुप हैं। वह दंगाइयों को 'शांति का दूत' कहती हैं। लेकिन जो लोग केवल बल की भाषा समझते हैं, वो शब्दों को नहीं सुनेंगे।”

योगी ने अपने बयान में साफ कहा कि वक्फ अधिनियम को लेकर जो हिंसा फैलाई जा रही है, उस पर राज्य सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश को अस्थिर करने की कोशिश हो रही है और कुछ राजनीतिक दल इसमें जानबूझकर भूमिका निभा रहे हैं।

सियासत गरमाई

दोनों मुख्यमंत्रियों के इस बयान युद्ध ने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ममता बनर्जी के बयान की निंदा करते हुए कहा,
“ममता बनर्जी का यह स्तरहीन बयान केवल उनकी बौखलाहट को दिखाता है। योगी आदित्यनाथ सन्यासी हैं, और उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा और सनातन धर्म के सिद्धांतों के लिए समर्पित किया है। इस तरह की बयानबाज़ी तुष्टिकरण की राजनीति है।”

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने भी पलटवार किया। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा,
“योगी आदित्यनाथ को अपने राज्य की कानून व्यवस्था की चिंता करनी चाहिए। ममता बनर्जी ने जो कहा है, वो सच कहा है। भाजपा का एजेंडा ही समाज को बांटना है।”

क्या है वक्फ एक्ट का मामला?

वक्फ एक्ट 1995 के तहत देशभर में मुस्लिम धर्मस्थलों और संपत्तियों का प्रबंधन किया जाता है। हाल ही में इस एक्ट को लेकर कई राज्यों में विवाद हुआ है। पश्चिम बंगाल में कुछ क्षेत्रों में इस अधिनियम को लेकर हिंसा भड़की, जिसके बाद भाजपा ने ममता सरकार पर लचर प्रशासन और तुष्टिकरण का आरोप लगाया। वहीं, टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया।

जनता में भी चर्चा

सामाजिक मीडिया पर भी यह मामला ट्रेंड कर रहा है। #MamtaVsYogi और #WaqfAct जैसे हैशटैग के साथ लोग अपने-अपने मत रख रहे हैं। कई यूज़र्स ममता के बयान को ‘अमर्यादित’ बता रहे हैं तो कई लोग योगी आदित्यनाथ के बयान को ‘सांप्रदायिक’ करार दे रहे हैं।

क्या आगे और तेज़ होगी बयानबाज़ी?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव 2024 की नज़दीकी को देखते हुए इस तरह की बयानबाज़ी और बढ़ सकती है। दोनों नेता अपने-अपने मतदाता वर्ग को साधने की कोशिश में हैं। जहां योगी आदित्यनाथ अपनी राष्ट्रवाद और सख्त प्रशासक की छवि को और मजबूत करना चाहते हैं, वहीं ममता बनर्जी अपने धर्मनिरपेक्ष और अल्पसंख्यक हितैषी नेता की छवि को धार दे रही हैं।


Editorial

Editorial

Next Story