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एकाउंटेंट ने रची थी जूलरी कारोबारी की हत्या की साजिश
By EditorialPublished on
दक्षिण मुंबई के एक जूलरी कारोबारी के अकाउंटेंट ने अपने एक साथी के साथ मिलकर एक फर्जी कंपनी बनाई, अपने मालिक की असली कंपनी से 9.3 करोड़ रुपये गबन किए, संपत्तियां खरीदीं और फिर मालिक की हत्या के लिए एक नकली सड़क दुर्घटना की साजिश रची। यह खुलासा शहर की अपराध शाखा द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में हुआ है।
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मुंबई। दक्षिण मुंबई के एक जूलरी कारोबारी के अकाउंटेंट ने अपने एक साथी के साथ मिलकर एक फर्जी कंपनी बनाई, अपने मालिक की असली कंपनी से 9.3 करोड़ रुपये गबन किए, संपत्तियां खरीदीं और फिर मालिक की हत्या के लिए एक नकली सड़क दुर्घटना की साजिश रची। यह खुलासा शहर की अपराध शाखा द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में हुआ है।
अपराध शाखा की यूनिट 9 द्वारा दाखिल चार्जशीट में मिलाना क्रिएशन्स में अकाउंटेंट के तौर पर कार्यरत केतन पारिख और उसके साथी निरंजन गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। चार्जशीट में एक जटिल वित्तीय धोखाधड़ी और हत्या की साजिश का खुलासा किया गया है, जिसका निशाना जूलरी कारोबारी किरणराज शाह थे।
पिछले साल दिसंबर में गुप्ता ने इंस्पेक्टर दया नायक से संपर्क कर जानकारी दी कि एक व्यापारी ने अवैध हथियार हासिल कर अपने चीरा बाजार स्थित कार्यालय में रखा है ताकि लोगों को डराया जा सके। गुप्ता ने पारिख को अपना मुखबिर बताया था। पुलिस ने शाह के कार्यालय पर छापा मारा और एक देसी 9 एमएम पिस्तौल व कारतूस बरामद किए।
हालांकि, पूछताछ में आई विसंगतियों के बाद पुलिस को शक हुआ और जांच में सामने आया कि पिस्तौल शाह को फंसाने के लिए उनके कार्यालय में पारिख और गुप्ता ने ही रखी थी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में नाम आए व्यापारी जितेंद्र जैन को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है।
जांच में सामने आया कि पारिख, जिसे शाह के पारिवारिक व्यवसायों — एमके डायमंड्स और राएरो इंटरनेशनल — के कई खातों की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने योजनाबद्ध तरीके से करीब 9.3 करोड़ रुपये उन खातों में स्थानांतरित किए जिन्हें वह नियंत्रित करता था। इनमें एक ‘मिलाना क्रिएशन’ नामक फर्जी कंपनी भी शामिल थी, जिसका नाम असली कंपनी से मिलता-जुलता था। इन गबन किए गए पैसों से संपत्तियां खरीदी गईं, जिनमें मीरा रोड स्थित 56 लाख रुपये का फ्लैट भी शामिल है, जो पारिख और उसकी पत्नी दीपिका के नाम रजिस्टर्ड है।
धोखाधड़ी छुपाने के लिए पारिख ने गुप्ता की मदद से जूलरी कारोबारी शाह की हत्या की योजना बनाई। नवंबर 2024 में शाह को एक रची गई बाइक दुर्घटना में निशाना बनाया गया, जिसमें वह मामूली रूप से घायल हुए। बाइक सवार ने बयान दिया कि उसे जानबूझकर टक्कर मारने के लिए पैसे दिए गए थे।
आगे की जांच में यह दुर्घटना पारिख और गुप्ता से जुड़ी पाई गई और यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों की मंशा शाह को मारने और उनके कार्यालय में पिस्तौल रखकर उन्हें फंसाने की थी। व्हाट्सएप चैट्स और ऑडियो संदेश जैसे डिजिटल सबूतों ने इस साजिश की पुष्टि की है।

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