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सोने की कीमत में उछाल से मांग घटी, वायदा कारोबार बैंक रेट से नीचे
By EditorialPublished on
पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी के कारण भारतीय आभूषण खरीदारों ने फिलहाल खरीद से दूरी बना ली है और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले शुभ अवसरों से पहले कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है।

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मुंबई। पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी के कारण भारतीय आभूषण खरीदारों ने फिलहाल खरीद से दूरी बना ली है और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले शुभ अवसरों से पहले कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है। यह स्थिति उस वक्त सामने आई है जब वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता चरम पर है और डॉलर की ‘सुरक्षित निवेश’ के रूप में स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह सोने की कीमत में 6% से अधिक और पिछले वर्षभर में 30% की वृद्धि हुई, जिससे उद्योग में सोने की मांग में 40-50% की गिरावट का अनुमान जताया जा रहा है। हालांकि, आभूषण कंपनियों को उम्मीद है कि कीमतों में हुई इस वृद्धि से मांग में आई गिरावट की भरपाई हो जाएगी।
इस मांग में गिरावट का असर भारत में सोने के वायदा कारोबार पर भी पड़ा है, जो पिछले सप्ताह बैंक रेट के मुकाबले छूट पर ट्रेड कर रहा था। एमसीएक्स पर सोमवार शाम 5:10 बजे तक 10 ग्राम सोने का सक्रिय वायदा अनुबंध रु. 93,375 पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 6% कस्टम ड्यूटी शामिल है लेकिन 3% जीएसटी शामिल नहीं है। वहीं, बैंक रेट (जिसमें टैरिफ और बैंक प्रीमियम शामिल है) प्रति 10 ग्राम रु. 93,915 रहा, जिससे वायदा कीमत बैंक रेट से रु. 540 कम रही।
पीएन गाडगिल ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक सौरभ गाडगिल के अनुसार, “वायदा कीमत घरेलू भौतिक बाजार में प्रचलित दरों पर आधारित होती है। बैंक रेट से यह अंतर दर्शाता है कि पिछले सप्ताह कीमतों में तेजी के चलते ग्राहकों की मांग कमजोर रही। हमारे स्टोर्स पर वर्तमान में मांग में मात्रा के हिसाब से 15-20% की गिरावट है, हालांकि मूल्य के लिहाज़ से इसमें असर सीमित रहेगा।”
ऑगमॉन्ट की बिज़नेस हेड रेनिशा चैनानी ने बताया कि वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के चलते पिछले सप्ताह कीमतों में आई तेजी ने ग्राहकों को “रुककर देखने” की स्थिति में ला दिया है। उन्होंने कहा, “ग्राहकों को लगता है कि कीमतें गिर सकती हैं, इसलिए वे फिलहाल इंतजार कर रहे हैं। चल रहे शादी के सीजन और 30 अप्रैल को आने वाली अक्षय तृतीया के शुभ अवसर को देखते हुए वे एक-दो हफ्ते और देखना चाह रहे हैं।”

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