One Shot, Two Wounds ; Trump’s Trade War
अमेरिका द्वारा चीन पर भारी टैरिफ लगाने का फैसला अब सिर्फ एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। इस आर्थिक हमले की गूंज अब पाकिस्तान तक पहुंच गई है। हैरानी की बात यह है कि चीन की तुलना में पाकिस्तान के शेयर बाजार में कहीं ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उसकी डगमगाती अर्थव्यवस्था पर दोहरा प्रहार हुआ है। अमेरिका ने पाकिस्तान पर 29% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही है, जिसे फिलहाल 90 दिनों के लिए टाल दिया गया है। इसके बावजूद, पाकिस्तान की फाइनेंशियल मार्केट में उथल-पुथल मच गई है। सोमवार को इतनी बड़ी गिरावट आई कि बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी, और बुधवार को KEC-100 में 2,640.95 अंकों की भारी गिरावट के साथ इंडेक्स 112,891.48 पर बंद हुआ।
चीन की मार्केट में गिरावट, लेकिन स्थिति नियंत्रण में :
चीन की शंघाई स्टॉक मार्केट में शुक्रवार को मामूली 14 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, हालांकि पिछले पांच दिनों में इंडेक्स 3-4% तक गिर चुका है। साल 2024 की शुरुआत से अब तक इसका YTD रिटर्न -3.39% रहा है। पिछले वर्ष का उच्चतम स्तर 3,674.40 से गिरकर यह अब 2,689.70 तक आ चुका है।
पाकिस्तान को होगा अरबों का नुकसान !
नीति थिंक टैंक की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर अमेरिका पाकिस्तान की वस्तुओं पर 29% टैरिफ लागू करता है, तो देश के निर्यात को वित्त वर्ष 2025-26 में $564 मिलियन का नुकसान हो सकता है। और अगर हालात और बिगड़े तो यह घाटा बढ़कर $2.2 अरब तक जा सकता है।
शी जिनपिंग का जवाब – ‘हम किसी से नहीं डरते’ :
इस बीच, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के इस आर्थिक फैसले को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, “चीन कभी किसी पर निर्भर नहीं रहा और न ही किसी से डरा है।” उन्होंने टैरिफ युद्ध को लेकर कहा कि इसमें कोई विजेता नहीं होता, लेकिन चीन आत्मनिर्भरता के दम पर आगे बढ़ेगा और किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।
Editorial

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