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Reciprocal Tariff पर चीन ने मांगी माफी!
By EditorialPublished on
अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे टैरिफ युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस बार चीन की ओर से नरम रुख देखने को मिला है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि अमेरिका को अपनी नीति की गलती का एहसास होना चाहिए और दोनों देशों के बीच लगाए गए पारस्परिक (रेसिप्रोकल) शुल्क को तत्काल प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए। चीन की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन पर कड़ा आर्थिक रुख अपनाते हुए नए टैरिफ की धमकी दी है। ट्रंप के बयान के बाद

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अमेरिका और चीन के बीच जारी टैरिफ वॉर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। एक तरफ जहां अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी उत्पादों पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं, वहीं चीन अब कड़े तेवरों से हटकर नरमी दिखाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। रविवार (13 अप्रैल, 2025) को चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका से अपील की कि वह पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल ड्यूटी) को पूरी तरह खत्म करे और व्यापारिक संबंधों को आपसी सम्मान के रास्ते पर लौटाए। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारे, टैरिफ की गलत प्रथा को रद्द करे और आपसी सम्मान की राह पर लौटे।”
'टाइगर के गले में बंधी घंटी...' – चीन का ट्रंप पर तंज :
चीन के इस रुख में नरमी के संकेत साफ नजर आ रहे हैं, लेकिन बयानबाज़ी में तल्ख़ी बरकरार है। मंत्रालय ने कहा, “बाघ के गले में बंधी घंटी को वही खोल सकता है जिसने उसे बांधा है,” – एक सीधा संकेत ट्रंप प्रशासन की ओर था, जो इस टैरिफ वॉर का सूत्रधार माना जा रहा है।
चीन ने यह भी कहा कि वह अमेरिका की ओर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर दी गई छूट का मूल्यांकन कर रहा है। हालांकि, अभी भी अधिकांश चीनी वस्तुओं पर 145% तक शुल्क लागू है, जिससे चीन की अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
टैरिफ वॉर में आंकड़ों की लड़ाई :
बीते शुक्रवार (11 अप्रैल) को चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ को 84% से बढ़ाकर 125% कर दिया था। इसके जवाब में अमेरिका ने भी चीनी उत्पादों पर कुल टैरिफ बढ़ाकर 145% कर दिया। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। रविवार को ट्रंप ने कुछ उत्पादों—जैसे स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स—पर छूट की घोषणा की थी, जिसे चीन सकारात्मक संकेत मानते हुए आंशिक राहत मान रहा है।
चीन की वैश्विक अपील – 'ट्रंप की आर्थिक धौंस के खिलाफ एकजुट हों' :
चीन ने न सिर्फ अमेरिका से टकराव को लेकर नरमी दिखाई है, बल्कि अन्य देशों से भी अपील की है कि वे ट्रंप की 'एकतरफा आर्थिक धौंस' के खिलाफ एकजुट हों। बीजिंग अब विकल्प के तौर पर अन्य व्यापारिक साझेदारों से संबंध मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है। अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका चीन की इस अपील को गंभीरता से लेगा या टैरिफ वॉर की आंच और तेज होगी? आने वाले दिनों में अमेरिका की प्रतिक्रिया इस आर्थिक टकराव के भविष्य को तय करेगी।

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