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मुंबई। भारत जैन महामंडल के तत्वावधान में गुरुवार को दादर स्थित योगी सभागृह में श्रमण भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन के मुख्य आतिथ्य में हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंगलाचरण आचार्य नयपद्म सागर सूरीश्वर ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मेरे जीवन में नवकार मंत्र का विशेष महत्व है और मैं पूरी श्रद्धा के साथ इसे प्रतिदिन जपता हूं। उन्होंने संस्थाध्यक्ष सी सी डांगी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समग्र जैन समाज को एक मंच पर लाकर जो एकता का मिशन प्रारंभ किया है, वह निश्चित ही सफल होगा ऐसा मुझे विश्वास है।

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महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि भले ही मैं जन्म से जैन नहीं हूं, पर कर्म और जीवनशैली से पूरी तरह जैन सिद्धांतों का पालन करता हूँ। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने महामंडल की 125 वर्षों की यात्रा को ऐतिहासिक बताया और कहा कि संस्था जैन समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है। हरकचंद सांवला, जो कैंसर रोगियों के लिए पिछले 35 वर्षों से सेवा कार्य कर रहे हैं, उन्हें इस अवसर पर विशेष सेवा प्रदाता सम्मान उपाधि से सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों सहित समारोह में मौजूद राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा, पूर्व सांसद विजय दर्डा, पूर्व मंत्री राज के पुरोहित, जैन माइनॉरिटी फेडरेशन अध्यक्ष ललित गांधी का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष सुभाष रुणवाल, सुमतिलाल कर्णावट, के सी जैन, विनय जैन, अनिल खिवेसरा, पंकज झामर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा जैन समाज - आचार्य नयपद्मसागर
जैन संत आचार्य नयपद्मसागर सूरीश्वर मसा ने कहा कि महावीर स्वामी, जिन्होंने परिवार को त्यागकर संपूर्ण मानवता को अपना परिवार माना, उनके आदर्श भारतीय संस्कृति में सर्वोपरि हैं। उन्होंने मुंबई के सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकार ये विद्यालय जैन समाज को सौंपे, तो समाज इन्हें संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र में परिवर्तित करेगा। इस अवसर पर साध्वी परमअस्मिता मसा, परमसूमधी मसा सहित साध्वीवृंद ने भी विचार व्यक्त किए।

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भारत को विश्वगुरु बनाना है तो अपनाएं महावीर की शिक्षाएं - डांगी
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी सी डांगी ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन मानवता के लिए समर्पित रहा है। यदि हमें भारत को विश्वगुरु बनाना है तो हमें उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाना होगा। उन्होंने जैन समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि संप्रदायवाद से ऊपर उठकर हमें एकजुट होना होगा। डांगी ने अपने अंदाज़ और मारवाड़ी भाषा में दिए भाषण से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन भी किया।

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महावीर की शिक्षाएं दिल और दिमाग में उतरनी चाहिए - राज्यपाल
राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि भगवान महावीर इस महान भूमि के ऐसे सपूत थे जिन्होंने आत्मा की सर्वोच्चता को प्राप्त कर भगवानत्व को प्राप्त किया। उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था के 125 वर्षों की यात्रा को कीर्तिमान बताया। उन्होंने संगठन की मासिक जैन जगत के महावीर जयंती अंक का विमोचन किया।
इस अवसर पर महेन्द्र पगारिया, सुरेन्द्र दस्सानी, संयुक्त महामंत्री अनिल खिवेसरा, कोषाध्यक्ष मनोहर पारख, महिला अध्यक्ष राजकुमारी बोहरा, परामर्शदाता किशनलाल दुग्गड़, रमणलाल लुक्कड़, भूपेश कोठारी, कुमार बोहरा, प्रशांत झवेरी, विकास कांकरीया, यशवंत जैन, उत्तम शाह, गणपत डागलिया सहित सदस्य उपस्थित रहे। संचालन बाबूलाल बाफना ने किया। यह जानकारी अजय मरोठिया ने दी।
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