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मुर्शिदाबाद हिंसा; Mamata Banerji का हिंसा पर रिएक्शन..
By EditorialPublished on
हाल ही में मुर्शिदाबाद में हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसक घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दंगा करने वाले और हिंसा फैलाने वाले तत्वों को सख्त चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने दो टूक कहा है कि राज्य सरकार किसी भी ऐसे व्यक्ति को माफ नहीं करेगी जो सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने और अशांति पैदा करने का प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि भवि

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Waqf Law के विरोध में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में शनिवार को जमकर हिंसा हुई। मुर्शिदाबाद, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, और मालदा जिलों में प्रदर्शनकारियों का उग्र रूप देखने को मिला। आक्रोशित भीड़ ने सड़कों पर उतरकर पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया, वहीं कई स्थानों पर ट्रेनों और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाओं से इन इलाकों में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। इस व्यापक हिंसा पर आखिरकार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है।
CM Mamata Banarji ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, "हम इस कानून के पक्ष में नहीं हैं। जब पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून लागू ही नहीं होगा, तो फिर यह दंगा किस बात के लिए हो रहा है?" उन्होंने साफ शब्दों में दंगा करने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरकार दंगा भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी और किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
एक अपील जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी धर्मों के लोगों से विनम्रतापूर्वक शांति और संयम बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "धर्म के नाम पर कोई भी गलत हरकत न करें। हर इंसान का जीवन अनमोल है और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दंगे भड़काना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। जो लोग भी इन हिंसक गतिविधियों में शामिल हैं, वे न केवल कानून का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि समाज को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं।"
ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों को यह भी याद दिलाया कि जिस वक्फ कानून के खिलाफ वे सड़कों पर उतरे हैं, उसे उनकी सरकार ने नहीं बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया है, इसलिए यदि किसी को इस कानून से कोई आपत्ति है या कोई स्पष्टीकरण चाहिए, तो उन्हें सीधे केंद्र सरकार से संपर्क करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की स्थिति को दोहराते हुए कहा, "हमने इस मामले में अपनी राय स्पष्ट कर दी है - हम इस कानून का समर्थन नहीं करते हैं। जब यह कानून हमारे राज्य में लागू ही नहीं होगा, तो फिर इस हिंसा और अशांति का क्या औचित्य है?" उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करती है और जो भी व्यक्ति इन दंगों में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं और लोगों को भड़का रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे तत्वों के बहकावे में न आने की अपील की। मुख्यमंत्री ने अपने मूल्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके अनुसार धर्म का सच्चा अर्थ मानवता, सद्भावना, सभ्यता और आपसी भाईचारा है। उन्होंने एक बार फिर सभी नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की पुरजोर अपील की ताकि राज्य में अमन-चैन कायम रहे।

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