Bengal Tensions Escalate as 118 Arrested..

पश्चिम बंगाल के कई जिलों में शुक्रवार को वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। मुर्शिदाबाद, मालदा और कोलकाता समेत कई इलाकों में सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ, कई वाहनों में आग लगा दी गई और पुलिस पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की है, जबकि अब तक 118 लोगों की गिरफ्तारी हो चुके है।

मुर्शिदाबाद जिले के सुती में प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हुई, जिसमें लगभग 15 पुलिसकर्मी और 10 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। एक नाबालिग लड़की भी गोलीबारी में घायल हुई, जिसका इलाज कोलकाता में चल रहा है।

शमशेरगंज इलाके में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 के हिस्से को जाम कर दिया और सुरक्षाबलों पर बम जैसे पदार्थ फेंके। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। मालदा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक पर बैठकर विरोध जताया, जिससे कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और यात्री बीच रास्ते में फंसे रहे। पूर्वी रेलवे ने बताया कि फरक्का-अजीमगंज खंड पर सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कोलकाता में आलिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ रैली निकाली और पार्क सर्कस के सेवन पॉइंट क्रॉसिंग को कुछ देर के लिए अवरुद्ध कर दिया।

बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि जंगीपुर में हालात बेकाबू होते देख बीएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके। इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीति भी तेज हो गई है। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बंगाल को "दूसरा बांग्लादेश" बनाना चाहती हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस और सरकार पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
Editorial

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