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Madhur Bajaj का निधन ; इंडस्ट्री में शोक की लहर
By EditorialPublished on
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के प्रतिष्ठित चेहरों में शामिल बजाज ऑटो के उपाध्यक्ष मधुर बजाज का 63 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एक सरल, शांत लेकिन दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी मधुर बजाज ने न केवल अपने परिवार की कारोबारी विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि उसे एक नई ऊंचाई तक भी पहुंचाया। उनके निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। 19 अगस्त 1952 को जन्मे मधुर बजाज ने शिक्षा की शुरुआत देश के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक दून स्कूल, देहरादून से की, जहां से उन्होंने नेतृत्व और अनुशासन की गहरी नींव रखी। आगे की पढ़ा

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बजाज ऑटो लिमिटेड के पूर्व वाइस चेयरमैन और देश के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाने वाले मधुर बजाज का शुक्रवार, 11 अप्रैल को निधन हो गया। वे 63 वर्ष के थे। मधुर बजाज ने जनवरी 2025 में स्वास्थ्य कारणों के चलते बजाज ऑटो के वाइस चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन वे बजाज फिनसर्व, बजाज इलेक्ट्रिकल्स और समूह की अन्य कंपनियों में निदेशक के रूप में सक्रिय बने रहे।
व्यवसाय से परे – युवाओं और मानवता के प्रति समर्पित व्यक्तित्व :
उनके निधन पर India’s International Movement to Unite Nations (I.I.M.U.N.) ने गहरा शोक जताया। संगठन ने अपने शोक संदेश में कहा, “हमारे प्यारे सलाहकार मधुर बजाज के जाने से हम गहरे शोक में हैं। उनकी मानवता, बुद्धिमत्ता और शांत नेतृत्व के कारण हम सभी उन्हें याद रखेंगे।” मधुर बजाज 2017 में I.I.M.U.N. के एडवाइजरी बोर्ड का हिस्सा बने और तब से लेकर अब तक उन्होंने युवा नेतृत्व, लक्ष्य और एकता के विजन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
शिक्षा और नेतृत्व की मिसाल :
19 अगस्त 1952 को जन्मे मधुर बजाज ने शिक्षा की शुरुआत प्रतिष्ठित दून स्कूल, देहरादून से की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के सायडेनहैम कॉलेज से 1973 में बी.कॉम की डिग्री हासिल की और फिर उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD), लॉज़ान से MBA किया। उनका जीवन पेशेवर अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व की गहराई का परिचायक रहा। बजाज समूह की कंपनियों में उनका योगदान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा रहा।
एक प्रेरणा, एक मार्गदर्शक :
मधुर बजाज का निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने शांत स्वभाव, दूरदर्शिता और समाजसेवा के प्रति लगन से एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

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