Nasdaq Soars; Breaks 24-Year Record!
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े ऐलान ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में तूफान ला दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि अगले 90 दिनों के लिए उच्च टैरिफ दरों पर ब्रेक लगाया जाएगा, लेकिन 10% टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा। खास बात ये है कि यह छूट चीन पर लागू नहीं होगी, जहां अब से 125% टैरिफ वसूला जाएगा, जो पहले 104% था।
इस साहसिक फैसले के तुरंत बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। Nasdaq इंडेक्स ने 24 साल बाद रिकॉर्ड छलांग लगाई, जो 3 जनवरी 2001 के बाद पहली और अब तक दूसरी सबसे बड़ी उछाल है। Nasdaq में 12.2% की बढ़त और S&P 500 में 11% का उछाल दर्ज किया गया, जो 2008 की वैश्विक मंदी के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। Dow Jones ने भी 7.9% की बढ़त के साथ इतिहास रच दिया। ब्लूमबर्ग और FactSet की रिपोर्ट्स के अनुसार, एक दिन में 30 बिलियन शेयरों का कारोबार हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड है। Goldman Sachs के शेयरों में 17.34% की भारी छलांग ने S&P की रिकॉर्ड बढ़त को भी पीछे छोड़ दिया।
एशिया प्रशांत बाजारों में भी जश्न :
ट्रंप के फैसले का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। जापान का Nikkei इंडेक्स 8.3% उछला, जबकि कोरिया का Kospi 5% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 करीब 6% चढ़ा। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने जमकर खरीदी की।
90 दिनों बाद क्या होगा ?
हालांकि, इस राहत के बाद बाजारों में 90 दिनों के बाद की रणनीति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। बॉस्टन की वेल्थ एक्सपर्ट गीना बोल्विन ने कहा कि यह बाजार के लिए निर्णायक क्षण है, लेकिन आगे क्या होगा, ये निवेशकों की चिंता का विषय है। शुक्रवार को JP Morgan समेत कई बड़े बैंकों के नतीजे आने हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों की असली सेहत का अंदाज़ा लगाया जा सकेगा। नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेस कमेटी के रात्रिभोज में ट्रंप ने कहा, “दुनियाभर के देश अमेरिका से व्यापार समझौते के लिए बेताब हैं। मेरे आगे नाक रगड़ रहे हैं।” ट्रंप की इस आक्रामक टैरिफ नीति ने एक बार फिर ग्लोबल ट्रेड वॉर की आशंका को हवा दी है।
Editorial

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