✕
America का दावा; Trade Talks में भारत सबसे आगे
By EditorialPublished on
व्हाइट हाउस से भारत को मिली बड़ी मान्यता, अमेरिका ने माना अहम सहयोगी। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच भारत की भूमिका अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है। बुधवार, 9 अप्रैल को व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत वह अग्रणी देश है जो टैरिफ और व्यापारिक मुद्दों पर अमेरिका के साथ खुलकर और गंभीरता से बातचीत कर रहा है। चीन पर टैरिफ लगाने के फैसले के बाद अमेरिका अब अपने भरोसेमंद साझेदारों की ओर देख रहा है, और इस दौड़ में भारत सबसे

x

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव नए मुकाम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले सामानों पर 125 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले की जानकारी ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के ज़रिए दी। साथ ही 75 अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। ट्रंप ने अपने बयान में कहा, "ये सभी देश अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए तैयार हैं।" इसी कड़ी में भारत का नाम सबसे पहले लिया गया है।
भारत सबसे आगे: अमेरिकी वित्त मंत्री का बड़ा बयान :
बुधवार, 9 अप्रैल को व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "भारत वह देश है जो टैरिफ और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका के साथ सबसे आगे होकर बातचीत कर रहा है।" उन्होंने चीन पर लगाए गए टैरिफ को सही ठहराते हुए कहा कि चीन वैश्विक बाज़ार में अनुचित व्यापार कर रहा है और उसकी नीतियाँ ग्लोबल इकॉनमी में असंतुलन पैदा कर रही हैं। बेसेंट ने यह भी कहा कि भारत, जापान और साउथ कोरिया जैसे देश अमेरिका के साथ सकारात्मक वार्ता के लिए तैयार हैं। "जो देश आगे आकर अपने प्रस्ताव रखेंगे, उनके लिए टैरिफ दरों को घटाकर 10 प्रतिशत तक करने पर विचार किया जा रहा है," उन्होंने कहा।
दुनिया की नजर अमेरिका पर: व्हाइट हाउस प्रेस सचिव :
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अब दुनिया की नज़र चीन नहीं, बल्कि अमेरिका की ओर है। "दुनिया को हमारे बाजार की ज़रूरत है। 'The Art of the Deal' को मीडिया ने नजरअंदाज किया, लेकिन अब सभी देश अमेरिका के करीब आ रहे हैं," उन्होंने कहा।
चीन का पलटवार :
अमेरिका के 104 फीसदी टैरिफ के जवाब में चीन ने पहले से लगे 34 फीसदी टैरिफ में 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 84 फीसदी हो गया। इसके जवाब में अमेरिका ने चीन पर 125 फीसदी टैरिफ का ऐलान कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार यह निर्णय वैश्विक व्यापार के एक नए युग की शुरुआत का संकेत है और ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" नीति को और आगे बढ़ाता है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह व्यापारिक टकराव वैश्विक तनाव को और बढ़ाएगा या किसी नए व्यापारिक संतुलन की राह खोलेगा। भारत की सक्रिय भूमिका से यह जरूर संकेत मिलता है कि वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति और अहमियत लगातार बढ़ रही है।

Editorial
Next Story
Related News
X
