महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे ने मंगलवार को प्रदेश मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया। इससे कुछ दिन पहले ही उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को बीड के सरपंच की हत्या के मामले में मास्टरमाइंड बताया गया था।

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नागपुर। महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे ने मंगलवार को प्रदेश मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया। इससे कुछ दिन पहले ही उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को बीड के सरपंच की हत्या के मामले में मास्टरमाइंड बताया गया था। जिसके बाद से उन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा था। आखिरकार मंगलवार को उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। मुंडे के इस्तीफे के बाद उनकी चचेरी बहन और मंत्री पंकजा मुंडे ने पहली प्रतिक्रिया दी है। नागपुर में एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी की नेता और महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने मंगलवार को कहा कि उनके चचेरे भाई एवं एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को मंत्री पद से पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था और सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के बाद पैदा हुई स्थिति से निकलने का सम्मानजनक रास्ता निकालना चाहिए था। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि ‘‘मैं इस्तीफे का स्वागत करती हूं। धनंजय मुंडे पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, ऐसा करना बेहतर होता। उन्हें इस सारी पीड़ा से बाहर निकलने का सम्मानजनक तरीका मिल जाता।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपने चचेरे भाई के बयान के बारे में पता नहीं था और उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता कि उसके परिवार के सदस्य को इस तरह की पीड़ा से गुजरना पड़े। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि जब हम कोई पद ग्रहण करते हैं, तो हमें राज्य के हर व्यक्ति को समान समझना चाहिए। इस्तीफा देने का फैसला देशमुख परिवार के दर्द और पीड़ा की तुलना में कुछ भी नहीं है। उन्होंने सही फैसला लिया है। देर आए दुरुस्त आए।
Editorial

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