female Naxalite in Delhi

दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। राजधानी के पीतमपुरा इलाके से एक वांछित महिला नक्सली को गिरफ्तार किया गया, जो अपनी पहचान छिपाकर घरेलू सहायिका (मेड) के रूप में रह रही थी। यह महिला दिल्ली के महाराणा प्रताप एनक्लेव में काम कर रही थी और पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी।

पुलिस के अनुसार, यह महिला नक्सली आधुनिक हथियार चलाने में निपुण थी और तीन बड़े नक्सली हमलों में शामिल रह चुकी थी। दिल्ली क्राइम ब्रांच की सतर्कता और खुफिया जानकारी के आधार पर यह गिरफ्तारी संभव हो सकी। यह मामला राजधानी की सुरक्षा और नक्सल नेटवर्क के विस्तार को लेकर कई अहम सवाल खड़े करता है।

कैसे दिल्ली में छिपी थी वांछित महिला नक्सली?

गिरफ्तार की गई महिला नक्सली पीतमपुरा के एक घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। वह एक आम महिला की तरह जीवन जी रही थी ताकि किसी को उस पर शक न हो।

सूत्रों के अनुसार, महिला फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर रही थी और अपने अतीत को छिपाकर दिल्ली में नई जिंदगी बिता रही थी। लेकिन पुलिस को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली, जिसके बाद उस पर नजर रखी गई और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

तीन बड़े नक्सली हमलों में थी शामिल

पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह महिला नक्सली तीन बड़े नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही है, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

  1. 2018 – कोल्हान जंगल, झारखंड: इस महिला नक्सली
    ने झारखंड पुलिस के खिलाफ नक्सली हमले का नेतृत्व किया था। इस मुठभेड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच घंटों गोलीबारी चली थी।
  2. 2019 – पोराहाट जंगल, झारखंड: पुलिस के एक बड़े अभियान के दौरान, इस महिला ने नक्सली दल के साथ मिलकर सुरक्षा बलों पर हमला किया था
  3. 2020 – सीधा टकराव: यह महिला झारखंड के एक अन्य इलाके में पुलिस बल से सीधी भिड़ंत में शामिल थी, जिसमें कई जवान घायल हुए थे।

इन घटनाओं में इस महिला की भूमिका अहम मानी जा रही है और पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी।

गिरफ्तारी और पूछताछ में कबूला गुनाह

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने महिला नक्सली से पूछताछ की, तो उसने अपने नक्सली संगठन से जुड़े होने की बात स्वीकार कर ली
। उसने यह भी माना कि वह दिल्ली में छिपकर रह रही थी ताकि पुलिस की नजरों से बच सके और नए सिरे से संगठन को मजबूत कर सके

पुलिस को यह भी शक है कि वह दिल्ली में किसी नक्सली सेल के संपर्क में थी और किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रही थी

दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता

महिला नक्सली की गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस ऑपरेशन से यह साफ हो गया कि नक्सली संगठन अपने सदस्यों को शहरी इलाकों में छिपाकर रखते हैं, ताकि वे बिना शक के सामान्य जीवन जी सकें और गुप्त रूप से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे सकें

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि महिला का संपर्क किन लोगों से था और क्या दिल्ली में उसका कोई नेटवर्क सक्रिय था

क्या राजधानी में और भी छिपे हैं नक्सली?

इस गिरफ्तारी से यह सवाल भी उठता है कि क्या दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में और भी नक्सली छिपे हो सकते हैं? सुरक्षा एजेंसियां अब इस दिशा में काम कर रही हैं और पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस महिला की तरह अन्य नक्सली भी तो राजधानी में शरण नहीं ले रहे हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत

यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि देश में नक्सलवाद की समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को शहरी इलाकों में भी नक्सली गतिविधियों पर नजर रखनी होगी ताकि ऐसे अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके।

Editorial

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